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Child Development
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शैक्षणिक संदर्भ में 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment) और 'संकलन आत्मक मूल्यांकन' (Summative Evaluation) की कार्यप्रणाली, समय-सीमा और उनके उद्देश्यों का सूक्ष्म तुलनात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवधारणाओं के तात्विक और व्यावहारिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के तहत आकलन और मूल्यांकन के विभिन्न स्वरूपों का विस्तृत अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि निदानात्मक आकलन (Diagnostic Assessment) का मुख्य उद्देश्य छात्रों की अधिगम संबंधी कठिनाइयों, कमजोरियों और अंतःनिहित कारणों का पता लगाना है ताकि उचित उपचारात्मक उपाय किए जा सकें। इसके विपरीत, संकलनात्मक मूल्यांकन (Summative Evaluation) किसी शैक्षणिक सत्र या पाठ्यक्रम के अंत में छात्रों की कुल निष्पत्ति (Achievement) को मापने और उन्हें प्रमाणित करने के लिए किया जाता है। शिक्षाशास्त्र के इन आयामों को अधिक गहराई से समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पर जा सकते हैं।
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→ जीन पियाजे के अनुसार, किस अवस्था में बालक 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) व्यवहार प्रदर्शित करता है? → अब्राहम मास्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अनुसार, जब व्यक्ति अपनी 'कमी संबंधी आवश्यकताओं' (Deficiency Needs या D-Needs) को पूरा कर लेता है, तब वह 'विकास संबंधी आवश्यकताओं' (Growth Needs या B-Needs) की ओर अग्रसर होता है। इस संदर्भ में, यदि कोई शिक्षार्थी आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) की अवस्था की प्राप्ति के मार्ग में है, तो मास्लो के सिद्धांत के अनुसार उसकी आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation) और मनोवैज्ञानिक विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है? → बाल विकास में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) के अंतर्संबंधों तथा उनके सापेक्षिक प्रभावों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, वूडवर्थ (Woodworth) के इस प्रसिद्ध समीकरण $R = f(H \times E)$ (व्यवहार वंशानुक्रम और वातावरण का फलन है) के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → अधिगम (Learning) के मनोविज्ञान के अंतर्गत, जब हम एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के मध्य अंतर्निहित तात्विक और दार्शनिक अंतर का गहन विश्लेषण करते हैं, तो उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) और अनुक्रिया-उद्दीपक (R-S) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) के तात्विक, क्रियात्मक और संक्रियात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों के उद्देश्यों, प्रकृति और शिक्षण-अधिगम चक्र में उनकी भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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