त्वरित लिंक्स
Child Development
27 views
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) की अवधारणा तथा 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के मध्य के तात्विक एवं क्रियात्मक अंतर का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों संकल्पनाओं के बीच के मूलभूत दार्शनिक और तकनीकी संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिक्षाशास्त्र और बाल विकास में 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) दो भिन्न किंतु परस्पर जुड़ी हुई अवधारणाएँ हैं। आकलन एक नैदानिक और सुधारात्मक प्रक्रिया है जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के दौरान छात्रों की कमजोरियों को पहचानकर उन्हें निरंतर पृष्ठपोषण (Feedback) देना है। इसके विपरीत, मूल्यांकन अधिक व्यापक अवधारणा है जिसमें आकलन से प्राप्त आँकड़ों के आधार पर किसी निश्चित मानदंड या मानक के तहत छात्र के समग्र निष्पादन का मूल्य-निर्णय (Value Judgement) या ग्रेडिंग की जाती है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) इन्हीं दोनों प्रक्रियाओं के सहज एकीकरण पर बल देता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत, 'पारंपरिक स्तर' (Conventional Level) के द्वितीय चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social-Order Maintaining Orientation / Stage 4) का सूक्ष्म विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की वास्तविक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
वोल्फगैंग कोहलर द्वारा सुल्तान नामक चिंपैंजी पर किए गए बॉक्स और डंडे (Box and Stick) के प्रयोग में, समस्या के समाधान के अचानक प्रकट होने यानी 'सूझ' (Insight) की उत्पत्ति के पीछे गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के किस मूल नियम या प्रत्यक्षीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
→
बुद्धि का 'बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) किसने प्रतिपादित किया था?
→
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में कर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित चक्र—'योजना बनाना' (Planning), 'अभिनय या कार्य करना' (Acting), 'निरीक्षण करना' (Observing), और 'चिंतन या परावर्तन' (Reflecting)—की तात्विक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में गणित शिक्षण की पारंपरिक विधि की प्रभावशीलता में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए इस शोध चक्र को अपनाता है, तो इस प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बालकों द्वारा महारत हासिल की जाने वाली 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification) और 'क्रमबद्धता' (Seriation) की योग्यताओं के साथ-साथ, 'औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में उभरने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' के तात्विक और विकासात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों अवस्थाओं के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और संज्ञानात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.