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History of India
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दारा शिकोह ने "सिर-ए-अकबर" में कितने उपनिषदों का अनुवाद किया था?

Detailed Explanation

दारा शिकोह ने 52 उपनिषदों का फारसी में अनुवाद किया था।
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Related Questions

→ भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को प्रस्तुत माउंटबेटन योजना में यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो-दो समूहों (मु बहुल और गैर-मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के प्रतिनिधियों) में होंगी, जो यह निर्णय लेंगी कि उनका प्रांत विभाजित किया जाए या नहीं। 2. ब्रिटिश संसद में भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (Indian Independence Act 1947) को बिना किसी संशोधन के जुलाई 1947 के पहले सप्ताह में प्रस्तुत किया गया और 18 जुलाई 1947 को इस पर ब्रिटिश सम्राट की औपचारिक स्वीकृति मिल गई। 3. माउंटबेटन योजना के तहत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया था, जिसमें दोनों स्थानों की जनता ने जनमत संग्रह का बहिष्कार कर दिया था। 4. पंजाब और बंगाल में सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग 'सीमा आयोगों' (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही अपने निर्णय और मानचित्र सार्वजनिक कर दिए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मराठा साम्राज्य के प्रशासन और छत्रपति शिवाजी महाराज की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी ने पारंपरिक देशमुखों और पाटिल जैसे वतनदारों की मध्यस्थता को सीमित करने के लिए जागीर प्रथा का कड़ाई से विरोध किया और राज्य अधिकारियों को नकद वेतन देने की नीति अपनाई, साथ ही भू-राजस्व निर्धारण के लिए अन्तोजी पादशाह द्वारा तैयार किए गए भूमि सर्वेक्षण और माप मानकों को लागू किया। 2. शिवाजी के राजस्व प्रशासन में 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' दो प्रमुख कर थे, जिनमें 'चौथ' कुल राजस्व का एक-चौथाई हिस्सा उन पड़ोसी क्षेत्रों से वसूला जाता था जो मराठा आक्रमण से सुरक्षा चाहते थे, जबकि 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के आंतरिक क्षेत्रों पर लगाया जाने वाला मुख्य भू-राजस्व कर था। 3. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में आठ मंत्रियों की नियुक्ति की जाती थी, जिनमें से प्रत्येक मंत्री राजा के प्रति उत्तरदायी होता था और इनमें 'सेनापति' (या सर-ए-नौबत) सैन्य प्रशासन का प्रमुख होता था, जबकि 'पंडितराव' धार्मिक मामलों और दान-पुण्य का कार्य देखता था। 4. शिवाजी की सैन्य व्यवस्था में नियमित घुड़सवार सेना (बरगीर) और अस्थायी घुड़सवार सेना (सिलहदार) दोनों शामिल थीं, तथा सेना में अनुशासन बनाए रखने के लिए सैनिकों को लूट का माल अपने पास रखने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई थी ताकि उनका मनोबल ऊँचा रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोही सिपाहियों के आगमन और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ के विद्रोही सिपाहियों ने 11 मई 1857 को दिल्ली पहुंचकर लाल किले पर कब्जा कर लिया और अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहंशाह-ए-हिन्दुस्तान' घोषित कर इस विद्रोह का प्रतीकात्मक नेतृत्व स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया था। 2. दिल्ली में वास्तविक सैन्य नेतृत्व और प्रशासन की बागडोर मुख्य रूप से जनरल बख्त खान के नेतृत्व में आई प्रशासनिक एवं सैन्य परिषद के हाथों में थी, जिसने सम्राट के नाम पर शासन चलाया और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया। 3. दिल्ली पर पुनः अधिकार करने के लिए ब्रिटिश सेना का नेतृत्व करने वाले जनरल जॉन निकलसन इस संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई, जबकि कर्नल हडसन ने राजकुमारों की हत्या कर सम्राट को हुमायूं के मकबरे से गिरफ्तार किया था। 4. विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सरकार ने बहादुर शाह जफर पर राजद्रोह का मुकदमा चलाया और उन्हें मृत्युदंड की सजा देकर दिल्ली की ही एक खुली अदालत में सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → किस मुगल सम्राट ने संगीत पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद "फकीरुल्लाह" को संगीत के ग्रंथों का अनुवाद करने को कहा? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के संचालन और ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध प्रतिरोध के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कानपुर में नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया और तात्या टोपे ने उनके सैन्य कमांडर के रूप में विद्रोह का अत्यंत प्रभावी नेतृत्व किया। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और निष्ठावान सहयोगी थे, ने विद्रोह के वैचारिक प्रचार तथा कूटनीतिक संपर्कों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वे लंदन तक दूत के रूप में गए थे। 3. कानपुर में अंग्रेजों के आत्मसमर्पण के उपरांत घटी 'सतीचौरा घाट घटना' के पश्चात ब्रिटिश सेनापति जनरल हैवलॉक और जेम्स आउट्राम ने कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया, जिसके बाद नाना साहब नेपाल की तराई की ओर निकल गए और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया। 4. तात्या टोपे ने कानपुर के पतन के पश्चात झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ग्वालियर में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया, और बाद में नरवर के एक स्थानीय जमींदार मानसिंह के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा पकड़े जाने पर उन्हें फांसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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