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Child Development
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बुद्धि के मापन के इतिहास और बुद्धि लब्धि (IQ) की अवधारणा के संदर्भ में, लुई टरमन (Lewis Terman) द्वारा संशोधित स्टैनफोर्ड-बिनेट बुद्धि मापनी (Stanford-Binet Intelligence Scale) तथा विलियम स्टर्न (William Stern) द्वारा प्रतिपादित मूल मानसिक आयु (Mental Age) और वास्तविक आयु (Chronological Age) के अनुपात पर आधारित सूत्र का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस वैज्ञानिक तथ्य को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है कि आधुनिक बुद्धि परीक्षणों में 'विचलन बुद्धि लब्धि' (Deviation IQ) को पारंपरिक 'मानसिक आयु/वास्तविक आयु × 100' सूत्र की तुलना में क्यों प्राथमिकता दी जाती है?

Detailed Explanation

बुद्धि के मापन और बुद्धि लब्धि (IQ) की संकल्पना के इतिहास में, विलियम स्टर्न ने 1912 में मानसिक आयु को वास्तविक आयु से भाग देकर गुणा 100 करने का सूत्र दिया था। हालांकि, यह पाया गया कि मानसिक आयु एक निश्चित उम्र (लगभग 16 से 18 वर्ष) के बाद स्थिर हो जाती है, जिससे वयस्कों के मामले में पारंपरिक अनुपात IQ का मान कृत्रिम रूप से घटने लगता है। इस सीमा को दूर करने के लिए आधुनिक मनोवैज्ञानिकों ने 'विचलन बुद्धि लब्धि' (Deviation IQ) का विकास किया, जो किसी व्यक्ति के प्राप्तांक की तुलना उसके आयु-समूह (Age Peers) के सांख्यिकीय मानक विचलन (Standard Deviation) से करती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा का विश्लेषण करते समय, टॉमलिंसन (Tomlinson) द्वारा प्रतिपादित इसके चार प्रमुख तत्वों—सामग्री (Content), प्रक्रिया (Process), उत्पाद (Product), और सीखने का वातावरण (Learning Environment)—में से 'प्रक्रिया' (Process) तत्व का वास्तविक शैक्षणिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है? किशोरावस्था .......... के बीच शुरू और समाप्त होती है। लेखन वैकल्य की विशेषता है: सीखने की वह अवधि जब सीखने की प्रक्रिया में कोई उन्नति नहीं होती, कहलाती है: थार्नडाइक के 'तत्परता के नियम' (Law of Readiness), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) में उद्दीपक प्रतिस्थापन, और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में पुनर्बलन की अनुसूचियों (Schedules of Reinforcement) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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