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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अंतर्गत ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने के सिद्धांत तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29(2) के अंतर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम के निर्माण संबंधी प्रावधानों का सूक्ष्म और समालोचनात्मक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों विधिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के मूल उद्देश्यों के मध्य सबसे सटीक तात्विक सामंजस्य को दर्शाता है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा, रटने की प्रवृत्ति से मुक्ति, और ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने पर विशेष बल देते हैं। इस संबंध में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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→ गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अनुसार, जब चिम्पांजी 'सुल्तान' ने बक्से को एक-दूसरे के ऊपर रखकर और डंडे की सहायता से केले तक पहुँचने की समस्या को अचानक हल किया, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया के दौरान 'अंतर्दृष्टि' (Insight) के उत्पन्न होने में निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक कारक ने सबसे निर्णायक भूमिका निभाई? → इनमें से उद्यम संसाधन आयोजना (ERP) के क्या फायदे हैं? → भाषा अधिग्रहण में एक-शब्द चरण को ........ के रूप में जाना जाता है। → पियाजे के अनुसार, 'अहंकेन्द्रित' (Egocentric) वाक किस अवस्था में पाया जाता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतिम चरण यानी 'विवेक के सिद्धांत की अवस्था' (Stage 6: Universal Ethical Principles Orientation) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, इस स्तर की तात्विक और दार्शनिक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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