BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों—अर्थात बहुવિધ प्रतिनिधित्व (Multiple Means of Representation), बहुविध अभिव्यक्ति (Multiple Means of Expression), और बहुविध सहभागिता (Multiple Means of Engagement)—की तात्विक और कक्षा-कक्षीय गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन UDL के मूल दर्शन और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों (Children with Special Needs) के समावेशन के संदर्भ में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा के अंतर्गत 'सार्वभौमिक रूप से डिजाइन किया गया अधिगम' (UDL) इस बात पर जोर देता है कि पाठ्यक्रम की कठोरता ही छात्रों के लिए मुख्य बाधा है, न कि स्वयं छात्र की अक्षमता। UDL का दृष्टिकोण यह मानता है कि अधिगम का माहौल ऐसा होना चाहिए जो विभिन्न प्रकार की तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक भिन्नताओं (Neurodiversity) को समायोजित कर सके। इस संदर्भ में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

सिग्मंड फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत व्यक्तित्व की संरचना करने वाली तीन मूलभूत प्रणालियों—'इदम' (Id), 'अहम' (Ego), और 'पराअहम' (Superego)—तथा उनके द्वारा संचालित होने वाले मनोवैज्ञानिक तंत्रों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति अपनी नैतिक और सामाजिक मान्यताओं के अत्यधिक दबाव के कारण आंतरिक अपराधबोध (Guilt) और अत्यधिक आत्म-आलोचना का शिकार हो जाता है, तो फ्रायड के संरचनात्मक मॉडल के अनुसार इस मानसिक स्थिति और मानसिक संघर्ष के संचालन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों के आलोक में, प्राथमिक स्तर पर गणित शिक्षण और बाल-केन्द्रित शिक्षा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक गहराई से प्रासंगिक है? विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia), 'डिस्फेजिया' (Dysphasia) और 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लिखने में अत्यधिक कठिनाई महसूस करता है, उसके अक्षर असमान आकार के होते हैं और वर्तनी (Spelling) संबंधी गंभीर अशुद्धियाँ पाई जाती हैं, जबकि उसकी सामान्य बौद्धिक क्षमता (Intelligence Quotient) पूरी तरह से सामान्य है, तो इस विशिष्ट विकार के तात्विक और नैदानिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? कोहलबर्ग के अनुसार, 'परंपरागत स्तर' (Conventional Level) में नैतिकता का आधार क्या है? थार्नडाइक के 'समान तत्वों के सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) तथा चार्ल्स जूड के 'सामान्यीकरण के सिद्धांत' (Theory of Generalization) के आलोक में, जब कोई शिक्षार्थी गणित में अर्जित किए गए तार्किक कौशलों का उपयोग भौतिकी (Physics) के संख्यात्मक प्रश्नों को हल करने में करता है, तो 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) की यह प्रक्रिया किस विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत आएगी और इसके तात्विक स्वरूप का सर्वोत्तम स्पष्टीकरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.