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History of India
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मुगल राजस्व व्यवस्था में "बट्टा" (Batta) क्या था?

Detailed Explanation

बट्टा पुराने या सिक्कों के अंतर को संतुलित करने वाला शुल्क था।
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→ ऋग्वैदिक कालीन समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीतिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (दुहने वाली) शब्द पुत्री के लिए प्रयोग किया जाता था, जो यह दर्शाता है कि गायों के दोहन का कार्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता था, और इस काल में समाज स्पष्ट रूप से पितृसत्तात्मक होने के बावजूद महिलाओं को सभा और समिति जैसी राजनीतिक संस्थाओं में भाग लेने की स्वतंत्रता थी। 2. इस काल की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पशुपालन पर आधारित थी, जहाँ गाय सबसे महत्वपूर्ण और मूल्यवान संपत्ति मानी जाती थी, तथा युद्धों का मुख्य कारण भूमि या क्षेत्र का विस्तार न होकर 'गविष्टि' (गायों की खोज या गायों के लिए युद्ध) होता था। 3. ऋग्वैदिक कबीले के मुखिया को 'राजन्' कहा जाता था, जो भूमि का स्वामी होता था और करों (बलि) को नियमित रूप से अनिवार्य रूप से वसूलता था, जिसे जनता द्वारा राजा को देना कानूनी रूप से बाध्यकारी था। 4. ऋग्वैदिक देवताओं में इन्द्र को 'पुरंदरा' (किले को तोड़ने वाला) कहा गया है, जिन्हें सबसे अधिक 250 सूक्त समर्पित हैं, जबकि अग्नि को मनुष्य और देवताओं के बीच मध्यस्थ के रूप में देखा जाता था जिन्हें 200 सूक्त समर्पित किए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → धार्मिक मामलों और दान विभाग के प्रधान को मुगल काल में क्या कहा जाता था? → दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी सेना के लिए स्थायी और नगद वेतन की प्रणाली शुरू की तथा घोड़ों को दागने (दाग) और सैनिकों का हुलिया दर्ज करने की प्रथा लागू की, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि में सुधार के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की और दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के साथ-साथ सांकेतिक मुद्रा (Token Currency) का प्रचलन किया, जो प्रशासनिक दृष्टि से अत्यधिक सफल सिद्ध हुआ। 3. फिरोज शाह तुगलक ने किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई के लिए कई नहरों का निर्माण करवाया तथा सल्तनत काल में पहली बार ब्राह्मणों पर भी 'जिज़िया' कर लगाया। 4. सिकंदर लोदी ने कृषि और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का पैमाना शुरू किया और वर्ष 1504 में अपनी राजधानी को दिल्ली से हटाकर 'आगरा' शहर की स्थापना की तथा उसे अपनी नई राजधानी बनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बेस (Brown Bess) बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूस में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों के धार्मिक विश्वास को गहरी ठेस पहुँचाई। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए अपने अंग्रेजी अधिकारियों लेफ्टिनेंट बाघ (Lieutenant Baugh) और सार्जेंट ह्यूसन (Sergeant Hewson) पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई। 3. मंगल पांडे द्वारा विद्रोह की शुरुआत करने के तुरंत बाद ही पूरे देश के सभी सैनिक छावनियों (विशेषकर मेरठ, दिल्ली और लखनऊ में) के सैनिकों ने एक ही दिन (10 मई 1857) को सुनियोजित रूप से एक साथ सशस्त्र विद्रोह का आरंभ किया था। 4. बैरकपुर की घटना के पश्चात ब्रिटिश प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में 34वीं एनफैंट्री रेजिमेंट को भंग कर दिया और जिन सैनिकों ने कारतूस लेने से इनकार किया था, उन्हें लंबी कैद की सजा सुनाई गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान भूमिगत गतिविधियों के संचालन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'फॉरवर्ड ब्लॉक' तथा 'आजाद हिंद फौज' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के बाद समाजवादी और युवा नेताओं ने भूमिगत रहकर आंदोलन का संचालन किया, जिसमें उषा मेहता ने बॉम्बे से 'कांग्रेस रेडियो' का गुप्त प्रसारण कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1939 में कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में वैचारिक मतभेदों के चलते कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया था और उसी वर्ष कांग्रेस के भीतर ही 'फॉरवर्ड ब्लॉक' नामक वामपंथी गुट की स्थापना की थी। 3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा आजाद हिंद फौज की कमान औपचारिक रूप से सुभाष चंद्र बोस को सौंपे जाने के बाद उन्होंने अक्टूबर 1943 में रंगून में 'अस्थाई स्वतंत्र भारत सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) के गठन की घोषणा की थी। 4. आजाद हिंद फौज की रानी झांसी रेजीमेंट, जो पूर्णतः महिलाओं की एक सैन्य टुकड़ी थी, का नेतृत्व डॉ. लक्ष्मी सहगल द्वारा किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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