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Child Development
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शैक्षणिक अनुसंधान के विशिष्ट प्रकार के रूप में 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) तथा विभिन्न 'शिक्षण विधियों' (Teaching Methods) के परस्पर समन्वय का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब कोई शिक्षक अपनी कक्षा-कक्ष की विशिष्ट समस्याओं के त्वरित और व्यावहारिक समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसंधान का उपयोग करते हुए विभिन्न छात्र-केंद्रित शिक्षण विधियों (जैसे अनुवेषण विधि या समस्या-समाधान विधि) का प्रायोगिक मूल्यांकन करता है, तो इस प्रक्रिया और इसके परिणामों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षकों द्वारा अपनी ही शिक्षण पद्धति और कक्षा-कक्षीय समस्याओं के समाधान के लिए किया जाने वाला एक अनुप्रयुक्त और व्यावहारिक अनुसंधान है। इसके माध्यम से शिक्षक अपनी शिक्षण विधियों की प्रभावशीलता का परीक्षण कर सकते हैं और छात्रों के अधिगम स्तर को बेहतर बना सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'फीडबैक' (Feedback) का क्या उद्देश्य है? भाषा विकास का सिद्धांत किसने प्रतिपादित किया था? अधिगम के वक्र (Learning Curves) के विभिन्न प्रकारों — जैसे 'सकारात्मक त्वरित वक्र' (Positive Accelerated Curve), 'नकारात्मक त्वरित वक्र' (Negative Accelerated Curve) और 'S-आकार का वक्र' (S-Shaped Curve) — के संदर्भ में, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखना शुरू करता है, जहाँ प्रारंभिक चरण में प्रगति बहुत मंद होती है, तत्पश्चात तीव्र गति से सुधार होता है और अंत में परिपक्वता के निकट पहुँचकर वक्र पुनः मंद पड़ जाता है, तो यह किस प्रकार के अधिगम वक्र को प्रदर्शित करता है और इसके पीछे मुख्य मनोवैज्ञानिक कारण क्या है? शिक्षण में 'ब्रेनस्टॉर्मिंग' (Brainstorming) तकनीक का मुख्य उद्देश्य क्या है? लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के विभिन्न स्तरों और चरणों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, जब कोई किशोर या वयस्क इस अवस्था में पहुँचता है जहाँ वह सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकारों (Social Contract and Individual Rights) को प्राथमिकता देता है, और यह मानता है कि नियमों को आपसी सहमति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं द्वारा बदला जा सकता है ताकि समाज के अधिकांश लोगों के कल्याण की रक्षा हो सके, तो कोहलबर्ग के इस सिद्धांत के अनुसार यह विशिष्ट चरण किस स्तर के अंतर्गत आता है और इसकी सबसे मूल दार्शनिक विशेषता क्या है?
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