त्वरित लिंक्स
Child Development
31 views
गेस्टाल्ट मनोवैज्ञानिकों—मैक्स वर्दीहाइमर, कुर्त कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर—द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के तात्विक, संज्ञानात्मक और प्रायोगिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, यदि कोहलर द्वारा सुल्तान (चंपैंजी) पर किए गए प्रयोग के दौरान समस्या-समाधान की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाए, तो इस अधिगम सिद्धांत की मूल मान्यताओं और थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' के मध्य अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अनुसार, सीखना कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह अचानक होने वाली मानसिक स्पष्टता या 'अहा! अनुभव' (Aha! Experience) है। कोहलर के प्रयोगों ने सिद्ध किया कि प्राणी समस्या के विभिन्न अंगों का पृथक् रूप से विश्लेषण न करके, पूरी परिस्थिति (Field) को एक समग्र रूप में देखता है और अपनी संज्ञानात्मक क्षमताओं द्वारा क्षेत्र का पुनर्गठन (Restructuring) करके अचानक समाधान प्राप्त करता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन हेतु आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
शैक्षणिक अनुसंधान के अंतर्गत 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) की अवधारणा का प्रतिपादन और उसका विद्यालयों में शिक्षण विधियों के सुधार, तात्कालिक समस्याओं के समाधान तथा पाठ्यक्रम संवर्धन में प्रयोग एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) और अन्य शिक्षाविदों द्वारा परिभाषित इस अनुसंधान का मूल उद्देश्य कक्षा-कक्ष की कार्यप्रणाली में प्रत्यक्ष सुधार लाना है। इसके चरणों—योजना बनाना (Plan), क्रियान्वयन (Act), अवलोकन (Observe), और विचार-विमर्श/चिंतन (Reflect)—का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रियात्मक अनुसंधान की तात्विक प्रकृति और पारंपरिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ इसके मुख्य अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
अधिगम अक्षमता का एक प्रकार 'डिस्कैलकुलिया' (Dyscalculia) किससे संबंधित है?
→
अभिप्रेरणा का 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' किसने दिया था?
→
बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक और वैज्ञानिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, जहाँ एक ओर अभिवृद्धि को मुख्य रूप से मात्रात्मक (Quantitative) परिवर्तनों जैसे शारीरिक आकार, भार और लंबाई में वृद्धि के रूप में परिभाषित किया जाता है, वहीं दूसरी ओर विकास एक व्यापक, गुणात्मक (Qualitative) और जीवनपर्यंत चलने वाली सतत प्रक्रिया है जिसमें परिपक्वता (Maturation) और अनुभव दोनों की अंतर्क्रिया शामिल होती है। यदि कोई बाल मनोवैज्ञानिक यह निष्कर्ष निकालता है कि अभिवृद्धि विकास का एक हिस्सा मात्र है और विकास के सिद्धांतों (जैसे सिर से पैर की ओर का नियम—सेफेलोकॉडल, और केंद्र से बाहर की ओर का नियम—प्रॉक्सिमोडिस्टल) के अंतर्गत शारीरिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तन एक एकीकृत पैटर्न में आगे बढ़ते हैं, तो बाल विकास की इस अवधारणा और इसके मूल सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक अंतरों तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक वैज्ञानिक और सटीक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.