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History of India
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अकबर के काल में मनसबदारों की सबसे छोटी श्रेणी कितने सैनिकों की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अकबर के काल में मनसबदारों की सबसे छोटी श्रेणी 10 सैनिकों की थी।
Related Questions
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महात्मा गांधी के भारत आगमन और उनके शुरुआती सत्याग्रहों (चंपारण, खेड़ा और असहयोग आंदोलन) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधीजी ने गोपाल कृष्ण गोखले की सलाह पर एक वर्ष तक ब्रिटिश भारत का भ्रमण किया और राजनीति से तटस्थ रहे, जिसके बाद उन्होंने वर्ष 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में चंपारण के किसानों की समस्याओं से अवगत होकर भाग लिया था।
2. चंपारण सत्याग्रह (1917) के दौरान राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर बिहार गए गांधीजी के साथ राजेंद्र प्रसाद, जे.बी. कृपलानी, महादेव देसाई और अनसूया साराभाई जैसे प्रमुख नेता भी उनके साथ जुड़े थे, जिन्होंने तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध जाँच में सहयोग किया था।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) के दौरान फसलें बर्बाद होने और 'संहिता नियमों' (Revenue Code) के तहत लगान माफी का हक होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली न रोकने पर, गांधीजी ने किसानों से 'लगान न अदायगी' (No-Tax Campaign) का सफल आह्वान किया था।
4. असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान चौरी-चौरा (गोरखपुर) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर इस आंदोलन को अचानक स्थगित करने की घोषणा की थी, जिससे देश के कई प्रमुख नेताओं जैसे चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने इस निर्णय का स्वागत किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, महाजनपद काल के दौरान वज्जि संघ (Vajjika League) की शासन प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' (घोषणा पत्र) के वैधानिक और प्रशासनिक परिणामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा भारत का शासन कंपनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश ताज (Crown) के अधीन स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' को समाप्त कर उनके समस्त अधिकार 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) और उसकी सहायता के लिए गठित 15 सदस्यीय 'इंडिया काउंसिल' को सौंप दिए गए।
2. क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (जिसे इलाहाबाद दरबार में 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया) में यह आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतें हड़पने की नीति ('व्यपगत सिद्धांत') का त्याग करती है, देशी राजाओं के दत्तक पुत्र लेने के अधिकार को मान्यता देती है और भविष्य में भारतीय भू-क्षेत्र का कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।
3. इस घोषणा में ब्रिटिश सरकार ने भारतीय प्रजा के धार्मिक मामलों में अहस्तक्षेप करने, प्राचीन परंपराओं का सम्मान करने तथा नस्ल, वर्ण या धर्म के भेदभाव के बिना योग्यता के आधार पर सार्वजनिक सेवाओं में भारतीयों को नियुक्त करने का खुला वादा किया।
4. विद्रोह के सफल दमन और प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ब्रिटिश सरकार ने भारतीय सेना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात काफी घटा दिया और बंगाल सेना में राजपूतों, ब्राह्मणों तथा अवध के सैनिकों की संख्या बढ़ाकर ब्रिटिश रेजिमेंटों को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान व्यवस्था (Land Grants) और कर प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में राजाओं द्वारा ब्राह्मणों, बौद्ध विहारों और मंदिरों को दिए जाने वाले भूमि अनुदानों की प्रथा (अग्रहार व्यवस्था) में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारों का विकेंद्रीकरण शुरू हो गया तथा अनुदान प्राप्तकर्ताओं को कई मामलों में 'कर-मुक्ति' (Aghara) प्रदान की गई।
2. गुप्त शिलालेखों और अभिलेखों में विभिन्न प्रकार के करों का उल्लेख मिलता है, जिनमें 'विष्टि' (बेगार या जबरन श्रम) एक प्रमुख कर था, जिसे किसानों से नियमित नगद मुद्रा के रूप में वसूला जाता था और राज्य के राजस्व का मुख्य आधार यही था।
3. गुप्त सम्राटों ने कुषाणों की तुलना में अत्यधिक मात्रा में स्वर्ण मुद्राएँ (दीनार) जारी की थीं, जो आर्थिक समृद्धि का प्रतीक थीं, किंतु स्कंदगुप्त के शासनकाल के बाद के गुप्त सिक्कों में सोने की शुद्धता में भारी कमी और मिलावट देखने को मिलती है, जो विदेशी व्यापार के ह्रास और मौद्रिक संकुचन का संकेत देती है।
4. गुप्त काल के दौरान भूमि की पैमाइश और वर्गीकरण के लिए 'क्षेत्र' (कृषि योग्य भूमि), 'वापस' (निवास योग्य भूमि), 'अपहत' (जंगली या बिना जोती गई भूमि) और 'अप्राहत' जैसी शब्दावलियों का प्रयोग किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लोदी काल के मकबरों को दो वर्गों में बाँटा गया है, अष्टकोणीय मकबरे किसके लिए होते थे?
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