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Child Development
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बाल विकास के अध्ययन में 'विकास के सामान्य से विशिष्ट की ओर के सिद्धांत' (Principle of General to Specific Responses) तथा 'विकास की एकरूपता के सिद्धांत' (Principle of Uniformity of Pattern) का गहन तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की अंतर्निहित जैविक एवं मनोवैज्ञानिक गतिकी को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों में 'सामान्य से विशिष्ट की ओर का सिद्धांत' यह बताता है कि बालक का विकास हमेशा सामान्य प्रतिक्रियाओं से शुरू होकर विशिष्ट प्रतिक्रियाओं की ओर बढ़ता है (उदाहरणार्थ, बच्चा पहले पूरे हाथ को हिलाता है और बाद में उंगलियों का सूक्ष्म प्रयोग करना सीखता है)। वहीं, 'एकरूपता का सिद्धांत' यह इंगित करता है कि मानव विकास की गति और चरण पूरी मानव जाति के लिए एक समान और निश्चित क्रम (जैसे शैशवावस्था से बाल्यावस्था और किशोरावस्था) का अनुसरण करते हैं। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार विकास एक सतत और क्रमिक प्रक्रिया है।
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