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Child Development
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेषकर 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage)—तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम्, और पराहम्) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक 'फालिक अवस्था' (लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु) के दौरान 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' (Oedipus Complex) या 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' (Electra Complex) से गुजरते हुए अपने माता-पिता के प्रति विशिष्ट संवेदी और तार्किक द्वंद्व का अनुभव करता है, और इस दौरान फ्रायड के अनुसार 'पराहम्' (Superego) का वास्तविक विकास होता है; तो इस विकासात्मक प्रक्रिया और इसके दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, व्यक्तित्व का विकास विभिन्न चरणों से होकर गुजरता है। फालिक अवस्था (Phallic Stage) में बालक 'ओडिपस कॉम्प्लेक्स' (बालकों में माता के प्रति आकर्षण और पिता के प्रति ईर्ष्या) तथा बालिकाएं 'इलेक्ट्रा कॉम्प्लेक्स' का अनुभव करती हैं। इस द्वंद्व का समाधान तब होता है जब बच्चा अपने समलिंगी माता-पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करता है, जिससे नैतिक चेतना यानी 'पराहम्' (Superego) का विकास होता है। इसी प्रकार, गुदा अवस्था (Anal Stage) में अत्यधिक कठोर या अनुचित टॉयलेट ट्रेनिंग से 'गुदा-धारण' या 'गुदा-मुक्त' व्यक्तित्व लक्षण उत्पन्न होते हैं। विकिपीडिया संदर्भ
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Related Questions

→ अधिगम मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के तुलनात्मक एवं तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, इन तीनों अधिगम सिद्धांतों की अंतर्निहित क्रियाप्रणाली और उनके उद्दीपक-अनुक्रिया संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) की धारा 29 के अंतर्गत निर्धारित 'पाठ्यचर्या और मूल्यांकन की प्रक्रिया' का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ना', 'रटने की प्रणाली से मुक्ति दिलाना', और 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)' को अपनाते हुए भयमुक्त, समावेशी एवं बाल-केंद्रित वातावरण का निर्माण करता है, तो इन वैधानिक एवं शैक्षणिक दस्तावेजों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है? → विकासात्मक मनोविज्ञान में 'एपिजेनेटिक लैंडस्केप' (Epigenetic Landscape) की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाले प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सी. एच. वोडिंगटन (C. H. Waddington) के अनुसार, यह अवधारणा बाल विकास की किस प्रमुख विशेषता या प्रक्रिया को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करती है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बच्चों के चिंतन की प्रमुख सीमाओं का अध्ययन करते समय, 'विकेंद्रीकरण का अभाव' (Lack of Decentration), 'संरक्षण की असमर्थता' (Inability to Conserve), और 'अहंप्रमुखता' (Egocentrism) जैसी विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'अहंप्रमुखता' (Egocentrism) की तात्विक एवं व्यावहारिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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