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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के शिक्षण में 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'राष्ट्रीय विकलांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act, 2016) के वैधानिक तथा शैक्षणिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय दृश्य, श्रवण, और बौद्धिक रूप से बाधित बालकों को मुख्यधारा की कक्षाओं में समान अवसर प्रदान करने के लिए पाठ्यचर्या, मूल्यांकन विधियों और भौतिक परिवेश में आवश्यक अनुकूलन (Accommodations and Modifications) करता है, तो इस प्रक्रिया के वैज्ञानिक और विधिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?

Detailed Explanation

समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल उद्देश्य सभी बच्चों को, उनकी व्यक्तिगत भिन्नताओं और विशिष्ट आवश्यकताओं के बावजूद, एक ही सामान्य कक्षा कक्ष में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके लिए विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार पाठ्यचर्या, शिक्षण पद्धतियों और मूल्यांकन में लचीलापन अपनाना आवश्यक है। 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) शिक्षकों को प्रत्येक छात्र की विशिष्ट गति और शैली के अनुसार पढ़ाने की अनुमति देता है, और 'विकलांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम, 2016' (RPWD Act) के तहत ऐसे बालकों के लिए तार्किक समायोजन और सुगम्यता कानूनी रूप से अनिवार्य किए गए हैं।
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