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History of India
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मुगल काल में "वाकिया-नवीस" (Waqia-Navis) का मुख्य कार्य क्या था?

Detailed Explanation

वाकिया-नवीस दरबार की दैनिक गतिविधियों का आधिकारिक रिकॉर्ड रखते थे।
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→ वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के प्रमुख अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दिल्ली — जॉन निकलसन — विद्रोह का दमन करते हुए वीरगति को प्राप्त 2. लखनऊ — सर कॉलिन कैंपबेल — हेनरी लॉरेंस और जेम्स आउट्राम के सहयोग से विद्रोह का दमन 3. झांसी और ग्वालियर — सर ह्यूरोज़ — रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के विरुद्ध सैन्य अभियान 4. कानपुर — कर्नल नील — नाना साहब के विरुद्ध क्रूरतापूर्ण दमनकारी कार्रवाई उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं? → वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए 'भारत सरकार अधिनियम 1858' तथा महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की दोहरी शासन प्रणाली को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) का गठन किया गया। 2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (जिसे इलाहाबाद दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ा गया था) में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के साथ किए गए सभी संधियों और समझौतों का सम्मान करेगी, भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य का कोई अनियंत्रित विस्तार नहीं किया जाएगा तथा भारतीय जनता के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। 3. इस घोषणा पत्र में नस्लीय भेदभाव को समाप्त करते हुए यह नीति घोषित की गई कि सभी योग्य भारतीयों को उनकी जाति, पंथ या जन्म के भेदभाव के बिना उच्च प्रशासनिक पदों पर निष्पक्ष रूप से नियुक्त किया जाएगा, और ब्रिटिश संसद ने तुरंत ही इस प्रावधान को कानूनी जामा पहनाते हुए सभी सिविल सेवाओं के इम्तिहान केवल भारत में ही आयोजित करने का अनिवार्य कानून पारित कर दिया। 4. विद्रोह की समाप्ति के पश्चात ब्रिटिश सेना के पुनर्गठन के दौरान 'पील आयोग' (Peel Commission) की संस्तुतियों के आधार पर सेना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया तथा सामरिक दृष्टि से संवेदनशील और उत्तरदायी पदों पर केवल यूरोपीय सैनिकों को ही नियुक्त किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के परिणाम और भारत सरकार अधिनियम 1858 (क्वीन विक्टोरिया की घोषणा) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के माध्यम से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया और भारत का प्रशासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन कर दिया गया, जिसके तहत 'भारत के गवर्नर-जनरल' पद को 'वाइंसराय' (Viceroy) में बदल दिया गया और लॉर्ड कैनिंग भारत के प्रथम वाइसराय बने। 2. क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (Magna Carta of India) के तहत यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों (राज्यों) के विलय की नीति (जैसे व्यपगत का सिद्धांत) को त्यागती है, भारतीय राजाओं के दत्तक पुत्र लेने के अधिकारों को मान्यता दी जाती है, और भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य के विस्तार की नीति का परित्याग किया जाता है। 3. घोषणा पत्र में यह आश्वासन दिया गया कि धार्मिक और सामाजिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा तथा नस्ल या धर्म के आधार पर किसी भी भारतीय को योग्यता के अनुसार उच्च सरकारी सेवाओं से वंचित नहीं किया जाएगा, किंतु इसके साथ ही सेना के पुनर्गठन के तहत ब्रिटिश सैनिकों का अनुपात बढ़ा दिया गया और तोपखाने जैसे सामरिक और संवेदनशील विभाग पूरी तरह यूरोपीय सैनिकों के नियंत्रण में रखे गए। 4. इस अधिनियम द्वारा ब्रिटिश मंत्रिमंडल में 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के नए पद का सृजन किया गया, जिसकी सहायता के लिए पंद्रह सदस्यों की 'भारत परिषद' (India Council) का गठन किया गया, और इस परिषद का संपूर्ण व्यय ब्रिटेन के राजकोष (British Exchequer) से वहन किया जाता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों और उनकी रणनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज द्वारा झाँसी की घेराबंदी किए जाने के बाद, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ वीरतापूर्वक संघर्ष किया और कालपी पहुँचीं, जहाँ तात्या टोपे ने उनके साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक संयुक्त और प्रभावी सैन्य मोर्चा संभाला था। 2. कालपी के युद्ध में पराजित होने के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया को अपने पक्ष में करने में पूर्ण रूप से सफल रहे, जिनके सहयोग से उन्होंने ग्वालियर के किले पर स्थाई रूप से अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित किया। 3. ग्वालियर के पतन के अंतिम चरण में ब्रिटिश सेना से भीषण युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं, जबकि तात्या टोपे वहाँ से सुरक्षित निकलने में सफल रहे और बाद में उन्होंने मध्य भारत के जंगलों में अंग्रेजों के विरुद्ध गोरिल्ला युद्ध का नेतृत्व किया, जहाँ एक स्थानीय जमींदार के विश्वासघात के कारण उन्हें बंदी बना लिया गया और फाँसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था, जिन्हें 'मौलवी फैजाबाद' भी कहा जाता है, और उनके दमन के लिए ब्रिटिश अधिकारी कर्नल नील और कैंपबेल ने अत्यंत आक्रामक रणनीतियाँ अपनाई थीं। 2. बरेली में रोहिलखंड के पूर्व शासक हाफिज रहमत खान के उत्तराधिकारी खान बहादुर खान ने विद्रोह का सफल नेतृत्व किया था, जिसे अंततः सर कॉलिन कैंपबेल ने भारी सैन्य बल के साथ पराजित किया। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व लियाकत अली ने किया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सेनापति जनरल नील द्वारा पराजित किया गया और इस शहर पर अंग्रेजों ने पुनः पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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