BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के वैधानिक प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों के ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने के लिए अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) और समावेशी शिक्षा का प्रभावी क्रियान्वयन करता है, तो इन दोनों दस्तावेजों के आलोक में मूल्यांकन की प्रणालियों और शैक्षणिक वातावरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (विकिपीडिया संदर्भ) 2005 और आरटीई अधिनियम 2009 दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान के सक्रिय निर्माण, और रटने की प्रवृत्ति (Rote Learning) के पूर्ण निषेध पर बल देते हैं। RTE Act 2009 की धारा 29 और 30 के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा के स्तर पर बच्चों पर शैक्षणिक दबाव कम करने के लिए किसी भी प्रकार की प्रवेश परीक्षा या साक्षात्कार को प्रतिबंधित किया गया है तथा किसी भी छात्र को प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक अनुत्तीर्ण (Fail) नहीं किया जा सकता। साथ ही, यह सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के माध्यम से बच्चे के समग्र विकास को सुनिश्चित करता है।
Share:

Related Questions

पियाजे के अनुसार, 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन' (Hypothetical-Deductive Reasoning) किस अवस्था का मुख्य लक्षण है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'मुख अवस्था' (Oral Stage) और 'सुप्त अवस्था' (Latency Stage) की तात्विक और मनोविश्लेषणात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं की विशिष्ट विशेषताओं और फ्रायड के विकासवादी दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में 'स्कीमा' (Schema) के निर्माण, उनमें संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया यानी 'साम्यावस्था' (Equilibration), और जब मौजूदा स्कीमा नई जानकारी को समायोजित करने में असफल होता है तो उत्पन्न होने वाली 'असाम्यावस्था' (Disequilibrium) के दौरान 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की द्वंद्वात्मक क्रियाविधि का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस संपूर्ण संज्ञानात्मक अनुकूलन (Cognitive Adaptation) की प्रक्रिया को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है? समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत कक्षा में विविध आवश्यकताओं वाले छात्रों के लिए किस मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करने पर बल देता है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के तात्विक, संज्ञानात्मक तथा कक्षा-कक्षीय अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान पारंपरिक यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) के बजाय अचानक मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) और संपूर्ण परिस्थिति के प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से यकायक सही समाधान तक पहुँच जाता है, तो कोहलर के चिम्पांजी (सुल्तान) पर किए गए प्रयोगों और गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के इस मौलिक सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.