त्वरित लिंक्स
Child Development
1 views
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) में भाषा और विचार (Language and Thought) के विकास के अंतर्संबंधों तथा सांस्कृतिक उपकरणों (Cultural Tools) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की के अनुसार बच्चों में 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) के उदय होने से ठीक पहले बाह्य भाषण (Social Speech) से आंतरिकता की ओर अग्रसर होने वाली वह मध्यवर्ती संक्रांति अवस्था कौन-सी होती है, जिसमें बालक उच्च स्वर में स्वयं से बातें करते हुए अपने संज्ञानात्मक कार्यों और व्यवहार को निर्देशित तथा विनियमित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत के अनुसार, विकास की प्रक्रिया में भाषा सामाजिक संपर्क का साधन बनने के बाद आत्म-नियमन (Self-Regulation) का माध्यम बनती है। सामाजिक भाषण (Social Speech) के बाद बच्चा 'निजी भाषण' (Private Speech) का उपयोग करता है, जिसमें वह जोर-जोर से बोलकर अपने कार्यों को निर्देशित करता है। यह पियाजे की 'अहमकेंद्रित भाषण' की अवधारणा से भिन्न है; पियाजे इसे बच्चों की संज्ञानात्मक अपरिपक्वता मानते थे, जबकि वाइगोत्स्की इसे संज्ञानात्मक विकास और आत्म-निर्देशन का एक महत्वपूर्ण चरण मानते हैं जो बाद में 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) में परिवर्तित हो जाता है। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
अधिगम मनोविज्ञान में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves), 'अधिगम के पठार' (Plateaus of Learning) और 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के तात्विक एवं वैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल कौशल को सीखते समय प्रारंभिक चरणों में मंद गति से प्रगति करता है और बाद में उसकी गति तीव्र हो जाती है (जिसे 'उन्नतोदर या अवतल वक्र' यानी Concave Curve कहा जाता है), इसके साथ ही यदि अभ्यास के दौरान एक निश्चित बिंदु पर उसकी निष्पत्ति में पूर्ण ठहराव आ जाता है जिसे मानसिक थकान, प्रेरणा की कमी या गलत विधियों के कारण उत्पन्न 'पठार' माना जाता है, तथा अंत में वह अपने पूर्व-अर्जित ज्ञान का अनुप्रयोग किसी सर्वथा भिन्न परिस्थिति में तार्किक सादृश्यता के आधार पर करता है; तो इन तीनों मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं और उनके अंतर्निहित कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बाल विकास का कौन-सा चरण 'तनाव और तूफान (स्टॉर्म)' की अवधि को संदर्भित करता है?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास (Psychosexual Development) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के विकास की विभिन्न अवस्थाओं में यदि किसी अवस्था पर अत्यधिक संतुष्टि या अत्यधिक कुंठा (Frustration) की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, तो व्यक्ति का विकास मानसिक रूप से उसी अवस्था में अवरुद्ध हो जाता है। इस मनोवैज्ञानिक अवधारणा को क्या कहा जाता है और 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) में इस समस्या के उत्पन्न होने पर वयस्क व्यक्ति में कौन से व्यक्तित्व लक्षण देखने को मिल सकते हैं?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन किया गया अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) का सिद्धांत कक्षा में विविध आवश्यकताओं वाले छात्रों के लिए किस मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करने पर बल देता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.