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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक, कानूनी तथा pedagogical (शैक्षणिक) प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय अपने यहां प्रवेश के समय साक्षात्कार प्रणाली, डोनेशन या कैपिटेशन फीस लागू करता है तथा पाठ्यचर्या को केवल सैद्धांतिक और परीक्षा-केंद्रित बनाए रखता है, तो इन दोनों दस्तावेजों के आलोक में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस प्रवृत्ति की असंवैधानिक और अव्यावहारिक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (विकिपीडिया संदर्भ) 2005 और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 बाल-केंद्रित शिक्षा के मूल स्तंभ हैं। RTE अधिनियम 2009 की धारा 13 यह स्पष्ट करती है कि किसी भी विद्यालय या व्यक्ति द्वारा प्रवेश के समय किसी भी बच्चे या माता-पिता से कैपिटेशन फीस नहीं ली जाएगी और न ही कोई स्क्रीनिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऐसा करने पर आर्थिक दंड का प्रावधान है। वहीं NCF 2005 शिक्षा को रटने की प्रवृत्ति से दूर ले जाने, ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ने और बालकों के सर्वांगीण विकास पर जोर देता है।
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Related Questions

→ समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, जब एक शिक्षक अपनी कक्षा में 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों' (Children with Special Needs - CWSN) के अधिगम को सुगम बनाने के लिए 'विभेदित अनुदेशन' (Differentiated Instruction) और 'विशिष्ट पाठ्यक्रम अनुकूलन' (Curricular Adaptation) जैसी रणनीतियों का उपयोग करता है, तो इस प्रक्रिया में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—engagement (संलग्नता), representation (प्रस्तुतीकरण), और expression (अभिव्यक्ति)—में से कौन-सा उपागम 'अधिगम की बहुविध प्रस्तुति' (Multiple Means of Representation) के वैज्ञानिक मानक को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → अधिगम के किस सिद्धांत को 'क्षेत्र सिद्धांत' (Field Theory) कहा जाता है? → एक कक्षा शिक्षिका 'संसाधन' विषय पर अपनी पाठ योजना प्रस्तुत करती है और छात्रों को हल करने के लिए MCQ आधारित प्रश्न पत्र देती है। यहाँ आकलन के लिए किस प्रकार की तकनीक का प्रयोग किया गया है? → शिक्षण विधियों के व्यावहारिक अनुप्रयोग और कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए अपनाई जाने वाली 'समस्या-समाधान विधि' (Problem-Solving Method) तथा जॉन डीवी द्वारा प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) के चरणों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस विधि के तात्विक और वैज्ञानिक स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → व्यक्तित्व (Personality) के मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों के अंतर्गत विलियम शेल्डन (William Herbert Sheldon) के शारीरिक प्रकार के सिद्धांत (Somatotype Theory) और कार्ल गुस्ताव जुंग (Carl Jung) के अंतर्मुखी-बहिर्मुखी मनोवैज्ञानिक प्रकार के सिद्धांत की तात्विक और संरचनात्मक विशेषताओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से गोलाकार, मृदु और कोमल अंगों वाला (Endomorph) होने के साथ-साथ स्वभाव से अत्यधिक मिलनसार, खाने-पीने का शौकीन और आरामपसंद (Viscerotonia) प्रकृति का प्रदर्शित होता है, तो शेल्डन के वर्गीकरण और जुंग के मनोवैज्ञानिकी के समन्वय के आधार पर इस व्यक्तित्व की संरचना को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से कौन-सा विकल्प स्पष्ट करता है?
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