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History of India
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तुर्की भाषा में लिखी गई "बाबरनामा" का फारसी में अनुवाद किसने किया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अब्दुल रहीम खान-ए-खाना ने इसका फारसी में अनुवाद किया था।
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गयासुद्दीन तुगलक के मकबरे की छत किस आकार की है जो हिंदू मंदिरों से प्रभावित लगती है?
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वर्ष 1857 के विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक आकलन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस इतिहासकार ने यह मत व्यक्त किया था कि 'यह विद्रोह न तो राष्ट्रीय था, न ही स्वतंत्रता संग्राम और न ही सिपाही विद्रोह था'?
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कृष्णदेव राय ने "आमुक्तमाल्यद" नामक ग्रंथ की रचना किस भाषा में की थी?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में सत्ता के विकेंद्रीकरण और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की वास्तविक राजनीतिक स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली के विद्रोही सिपाहियों और नवाबों द्वारा प्रशासन के सुचारू संचालन के लिए दस सदस्यों (छह सैन्य और चार नागरिक) वाली एक 'कोर्ट ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' (प्रशासनिक न्यायालय) का गठन किया गया था, जिसके सभी महत्वपूर्ण निर्णय सम्राट की व्यक्तिगत अनुमति के बिना लिए जाते थे।
2. बहादुर शाह जफर इस विद्रोह के नाममात्र के प्रतीक और 'शहंशाह-ए-हिन्दुस्तान' अवश्य बनाए गए थे, किंतु उनकी स्थिति इतनी विवश थी कि वे अपने ही राजमहल के भीतर विद्रोही सैनिकों की अनुशासनहीनता, आर्थिक तंगी और मनमानी कार्यप्रणाली पर कोई प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं कर सके थे।
3. सितंबर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनradhikar (पुनः अधिकार) करने के पश्चात, बहादुर शाह जफर को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया था, जहाँ वर्ष 1862 में उनका निधन हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण और गांधी-इरविन समझौते (1931) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने यह स्वीकार किया कि हिंसा के आरोपियों को छोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और जब्त की गई संपत्ति वापस कर दी जाएगी।
2. इस समझौते के प्रावधानों के अंतर्गत कांग्रेस की ओर से महात्मा गांधी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति व्यक्त की, किंतु समझौते में पुलिस की ज्यादतियों और दमनकारी नीतियों की स्वतंत्र न्यायिक जांच की कांग्रेस की मांग को ब्रिटिश सरकार द्वारा पूरी तरह अस्वीकार कर दिया गया था।
3. कराची में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वर्ष 1931 के विशेष अधिवेशन, जिसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, में गांधी-इरविन समझौते का औपचारिक अनुमोदन कर दिया गया था, यद्यपि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की फांसी को टाले जाने में विफलता के कारण युवा वर्ग द्वारा गांधीजी का तीव्र विरोध किया गया था।
4. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने 'सांप्रदायिक पंचाट' (Communal Award) के मुद्दे पर दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग का पुरजोर समर्थन किया था, क्योंकि उनका मानना था कि इससे दलितों का राजनीतिक उत्थान शीघ्र होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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