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Child Development
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बाल विकास के अध्ययन के दौरान 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के तात्विक और वैज्ञानिक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, जहाँ एक ओर अभिवृद्धि को मुख्य रूप से मात्रात्मक (Quantitative) परिवर्तनों जैसे शारीरिक आकार, भार और लंबाई में वृद्धि के रूप में परिभाषित किया जाता है, वहीं दूसरी ओर विकास एक व्यापक, गुणात्मक (Qualitative) और जीवनपर्यंत चलने वाली सतत प्रक्रिया है जिसमें परिपक्वता (Maturation) और अनुभव दोनों की अंतर्क्रिया शामिल होती है। यदि कोई बाल मनोवैज्ञानिक यह निष्कर्ष निकालता है कि अभिवृद्धि विकास का एक हिस्सा मात्र है और विकास के सिद्धांतों (जैसे सिर से पैर की ओर का नियम—सेफेलोकॉडल, और केंद्र से बाहर की ओर का नियम—प्रॉक्सिमोडिस्टल) के अंतर्गत शारीरिक, संज्ञानात्मक, संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तन एक एकीकृत पैटर्न में आगे बढ़ते हैं, तो बाल विकास की इस अवधारणा और इसके मूल सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

बाल मनोविज्ञान में 'अभिवृद्धि' (Growth) शारीरिक संरचना और अंगों के आकार में होने वाले मात्रात्मक परिवर्तनों को दर्शाती है जो एक निश्चित आयु (सामान्यतः परिपक्वता आने पर) के बाद रुक जाती है। इसके विपरीत, 'विकास' (Development) एक व्यापक, सतत और गुणात्मक प्रक्रिया है जो गर्भधारण से लेकर मृत्युपर्यंत (Womb to Tomb) चलती रहती है। विकास के अंतर्गत शारीरिक परिवर्तनों के साथ-साथ मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक और भाषाई परिवर्तन भी सम्मिलित होते हैं। विकास और अभिवृद्धि के इस अंतर को समझने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ का अध्ययन कर सकते हैं।
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Sequence) के अंतर्गत आने वाले 'मस्तकोधोमुख क्रम' (Cephalocaudal Sequence) और 'निकट-दूर क्रम' (Proximodistal Sequence) के बीच तात्विक और शारीरिक-मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया का सबसे सटीक विश्लेषण निम्नलिखित में से कौन-सा है? व्यवहार परीक्षण विधि (Behavior Rating Scale) के प्रतिपादक कौन हैं? शैक्षणिक अनुसंधान और कक्षा-कक्ष के व्यावहारिक परिप्रेक्ष्य में, जब एक शिक्षक 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) के अंतर्गत अपनी शिक्षण विधियों में सुधार लाने के लिए 'कार्रवाई पर विचार' (Reflection-in-Action) और 'कार्रवाई पर परावर्तन' (Reflection-on-Action) की अवधारणाओं का अनुप्रयोग करता है, तो इन दोनों चिंतन प्रक्रियाओं के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सबसे सटीक रूप से कौन-सा कथन स्पष्ट करता है? सीखने में 'पठार' (Plateau of Learning) आने का प्रमुख कारण क्या है? शिक्षण में 'निदानात्मक परीक्षण' (Diagnostic Test) का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
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