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History of India
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मुगल काल में "अमल गुजार" का मुख्य कार्य क्या था?

Detailed Explanation

अमल गुजार का मुख्य कार्य भू-राजस्व का प्रबंधन और वसूली था।
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→ सिंधु घाटी सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सैंधव सभ्यता के नगरों में ग्रिड पद्धति (Grid System) का अनुसरण किया जाता था, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। 2. लोथल और चान्हूदरो दोनों ही स्थलों से मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) के अवशेष प्राप्त हुए हैं। 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपतिनाथ' की मुहर पर हाथी, बाघ, गैंडा और भैंसा के अतिरिक्त दो हिरणों का अंकन भी मिलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → सविनय अवज्ञा आंदोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौते के कालक्रम तथा उनके प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी द्वारा प्रसिद्ध 'दांडी मार्च' के साथ हुई थी, जिसमें उनके साथ 78 चुने हुए सत्याग्रही शामिल थे और उन्होंने 24 दिनों की यात्रा के बाद 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंचकर नमक कानून तोड़ा था। 2. लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 - जनवरी 1931) में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से भाग लिया था, क्योंकि सम्मेलन में शामिल होने से पूर्व ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस की सभी शर्तें स्वीकार कर ली थीं। 3. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौता' के तहत सरकार ने हिंसात्मक गतिविधियों में लिप्त कैदियों को छोड़कर सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और समुद्र तटीय क्षेत्रों के लोगों को घरेलू उपभोग के लिए बिना कर के नमक बनाने का अधिकार देने पर सहमति व्यक्त की थी। 4. कराची में आयोजित कांग्रेस के मार्च 1931 के अधिवेशन (अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल) में गांधी-इरविन समझौते का अनुमोदन किया गया तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार 'मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' से संबंधित ऐतिहासिक प्रस्ताव को स्वीकार किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → विजयनगर साम्राज्य की प्राचीन राजधानी "हम्पी" किस नदी के तट पर स्थित थी? → बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध धर्म का 'प्रतीत्यसमुत्पाद' (प्रतीतसमुत्पाद) का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि प्रत्येक घटना या वस्तु किसी कारण और प्रत्यय से उत्पन्न होती है (इदं प्रत्ययता), जबकि जैन धर्म का 'स्याद्वाद' (सप्तभंगीनय) यह मानता है कि ज्ञान सापेक्ष होता है और किसी भी वस्तु के बारे में एक साथ अंतिम या पूर्ण सत्य नहीं कहा जा सकता। 2. जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए महावीर स्वामी ने 'त्रिरत्न' (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) के अतिरिक्त अत्यंत कठोर कायाकल्पन और संलेखना (संथारा) पर बल दिया, जबकि महात्मा बुद्ध ने मध्यम मार्ग (मज्झिम पतिपदा) का उपदेश देते हुए घोर तपस्या और भोग-विलासिता दोनों का समान रूप से त्याग करने पर जोर दिया। 3. बौद्ध संघ की प्रथम संगीति का आयोजन राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में महाकस्सप की अध्यक्षता में हुआ था, जिसमें बुद्ध के उपदेशों को 'सुत्तपिटक' और 'विनयपिटक' के रूप में संकलित किया गया, जबकि जैन धर्म की प्रथम संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई जिसमें बारह अंगों का संकलन किया गया था। 4. आजीविक संप्रदाय के संस्थापक मख्खलि गोशाल ने 'नियतवाद' या 'भाग्यवादी' सिद्धांत (संसारशुद्धि) का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार मनुष्य का जीवन और उसका प्रत्येक कर्म पहले से ही नियत होता है और किसी भी मानवीय प्रयास से उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता, और वे महावीर स्वामी के प्रारंभिक मित्र तथा शिष्य भी रहे थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर सूरत विभाजन (1907) तक के कालखंड के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के प्रारंभिक उदारवादी (नरम दल) नेताओं का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत के लिए क्रमिक सुधार और स्वशासन प्राप्त करना था, जिसके लिए उन्होंने मुख्य रूप से 'प्रार्थना, याचिका और विरोध' की पद्धति का अनुसरण किया था। 2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में उपजे स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान उग्रवादी (गरम दल) नेताओं ने इस आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखने का समर्थन किया था, जबकि नरमपंथी इसे पूरे देश में फैलाना चाहते थे। 3. कलकत्ता अधिवेशन (1906) में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक रूप से 'स्वराज' (Self-Government) को अपने लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया था। 4. सूरत के कांग्रेस अधिवेशन (1907) में नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच वैचारिक और संगठनात्मक मतभेदों के कारण कांग्रेस का विभाजन हो गया था, जिसमें उग्रवादी नेताओं ने रास बिहारी घोष को कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुने जाने का कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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