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Child Development
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अब्राहम मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) और अभिप्रेरणा के प्रकारों के संदर्भ में, यदि कोई व्यक्ति अपनी आत्म-सम्मान (Self-esteem) की आवश्यकताओं और सामाजिक मान्यता से ऊपर उठकर अपनी आंतरिक क्षमताओं, सृजनात्मकता और अंतर्निहित संभावनाओं की पूर्ण अभिव्यक्ति (Self-actualization) के लिए प्रेरित होता है, तो मैस्लो के इस पदानुक्रम में न्यूनतर (Deficiency) और उच्चतर (Growth) आवश्यकताओं के मध्य का तात्विक अंतर तथा अभिप्रेरणा का कौन-सा स्वरूप इस स्थिति की सबसे सटीक व्याख्या करता है?

Detailed Explanation

अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत में, आवश्यकताओं को दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है: अभाव आवश्यकताएँ (Deficiency Needs या D-needs) जो भोजन, सुरक्षा और अपनेपन जैसी प्राथमिक कमियों को पूरा करती हैं, और विकास आवश्यकताएँ (Growth Needs या B-needs) जैसे आत्म-सिद्धि (Self-actualization), जो व्यक्ति की आंतरिक क्षमता के विकास से जुड़ी होती हैं। आत्म-सिद्धि की अवस्था आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation) का सर्वोत्तम उदाहरण है, जहाँ व्यक्ति किसी बाहरी पुरस्कार के लिए नहीं बल्कि आंतरिक संतोष और सृजनात्मकता के लिए प्रेरित होता है। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम के स्थानांतरण (Transfer of Learning) के विभिन्न सिद्धांतों—जैसे एडवर्ड थार्नडाइक का 'सर्वसम तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), चार्ल्स स्पीयरमैन का 'सामान्य एवं विशिष्ट तत्वों का सिद्धांत', तथा सी.एच. जड (C.H. Judd) का 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization)—की तात्विक और प्रयोगात्मक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी साइकिल चलाने के कौशल में महारत हासिल करने के बाद मोटरसाइकिल चलाने के दौरान संतुलन और नियंत्रण के नियमों को आसानी से समझ लेता है और नए संदर्भ में उनका तार्किक अनुप्रयोग करता है, तो जड के सामान्यीकरण के सिद्धांत के अनुसार अधिगम के इस स्थानांतरण की अंतर्निहित प्रक्रिया को सर्वाधिक वैज्ञानिक रूप से कौन-सा कथन स्पष्ट करता है? शैक्षणिक अनुसंधान के क्षेत्र में 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) की मूल अवधारणा और इसके ऐतिहासिक विकास का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, शिक्षा के क्षेत्र में इस पद्धति को लोकप्रिय बनाने का श्रेय मुख्य रूप से किस विचारक को जाता है, तथा इसका प्रमुख उद्देश्य पारंपरिक मौलिक शोध (Fundamental Research) से किस प्रकार भिन्न है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) से 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में संक्रमण के दौरान बच्चों में विकसित होने वाली 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'प्रतिलोमता' (Reversibility) की क्षमताओं के अतिरिक्त, औपचारिक अवस्था की वह कौन-सी मौलिक विशेषता है जो बालक को मूर्त वास्तविकता से परे जाकर अमूर्त कल्पनाओं, तार्किक प्रस्तावों और सिद्धांतीकरण के आधार पर सोचने की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करती है? अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) और 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) के न्यूरोलॉजिकल एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination), शारीरिक संतुलन, सूक्ष्म पेशीय कौशलों (जैसे पेन पकड़ना या जूते के फीते बांधना) के साथ-साथ गणितीय अवधारणाओं, संख्याओं के परिमाण और स्थानिक तर्क (Spatial Reasoning) को समझने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, तो इन दोनों विशिष्ट विकासात्मक विकारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? बाल विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) के बीच अंतर तथा विकास के विभिन्न सिद्धांतों का सूक्ष्म अध्ययन करने पर निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक वैज्ञानिक और तार्किक रूप से सत्य है?
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