BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) और विद्यालयी शिक्षण विधियों के सुधार के बीच के तात्विक, सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा-कक्षीय शिक्षण प्रक्रिया के दौरान आने वाली विशिष्ट और तात्कालिक समस्याओं (जैसे विद्यार्थियों में गणितीय संक्रियाओं के प्रति उत्पन्न होने वाली भ्रांतियाँ) का वैज्ञानिक समाधान ढूँढने के लिए स्टीफन कोरे (Stephen Corey) या कुर्ट लेविन (Kurt Lewin) द्वारा प्रतिपादित चक्रीय मॉडल—यथा समस्या की पहचान, तथ्यान्वेषण, परिकल्पना निर्माण, हस्तक्षेप (Intervention) और सतत मूल्यांकन—का उपयोग करता है, तो क्रियात्मक अनुसंधान के इस स्वरूप और पारंपरिक मौलिक अनुसंधान (Fundamental Research) के बीच के मौलिक अंतरों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षकों, प्रशासकों या परामर्शदाताओं द्वारा अपनी स्वयं की शिक्षण पद्धतियों, कार्यप्रणालियों और कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए किया जाने वाला एक व्यावहारिक और चक्रीय अनुसंधान है। इसका उद्देश्य किसी व्यापक सिद्धांत का निर्माण करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर सुधार लाना होता है। इस संदर्भ में विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों—विशेषकर 'सुषुप्त अवस्था' (Latency Stage) और 'जननांग अवस्था' (Genital Stage)—तथा रक्षा तंत्रों (Defense Mechanisms) के अंतर्संबंधों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई किशोरावस्था का बालक विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण, अपनी दमित यौन ऊर्जा का सामाजिक रूप से स्वीकृत उच्च-स्तरीय कलात्मक या बौद्धिक गतिविधियों में 'उर्ध्वपातन' (Sublimation) करने तथा अपनी कामुकता को परिपक्वता की ओर ले जाने में संघर्ष करता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत और विकासात्मक गतिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? व्यक्तित्व (Personality) के शील गुण (Trait) सिद्धांतों के अंतर्गत गार्डन ऑलपोर्ट, रेमंड कैटेल और हंस आइजेंक के दृष्टिकोणों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई मनोवैज्ञानिक यह मानता है कि व्यक्तित्व कुछ बुनियादी, अंतर्निहित और द्विध्रुवी तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक आयामों—जैसे 'अंतर्मुखता-बहिर्मुखता', 'मनस्ताप (Neuroticism)' और 'मनोविकारिता (Psychoticism)'—से निर्मित होता है, जो आनुवंशिक रूप से निर्धारित होते हैं; तथा इसके साथ ही कैटेल 'स्रोत गुणों' (Source Traits) को मापने के लिए सोलह पीएफ (16PF) प्रश्नावली का उपयोग करते हैं, तो व्यक्तित्व के इस संरचनात्मक और सैद्धांतिक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई बच्चा वस्तुओं और घटनाओं के बारे में तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देता है, लेकिन उसका यह चिंतन केवल प्रत्यक्ष, मूर्त और वास्तविक रूप से उपस्थित वस्तुओं तक ही सीमित रहता है—वह अमूर्त या काल्पनिक परिकल्पनाओं पर विचार नहीं कर सकता—तो पियाजे के विकास क्रम की यह विशिष्ट बौद्धिक अवस्था निम्नलिखित में से कौन-सी है और इसकी मुख्य विशेषता क्या है? उद्देश्य आधारित शिक्षण और परीक्षण के उपयोग में शामिल नहीं है- हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के व्यक्तित्व के त्रि-आयामी (Three-Factor Model) या 'PEN' मॉडल के संदर्भ में, उनके द्वारा प्रतिपादित आयामों—मनोविकृतिवाद (Psychoticism), बहिर्मुखता (Extraversion), और तंत्रिकाताप (Neuroticism)—का गहन विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'मनोविकृतिवाद' (Psychoticism) की तात्विक और मनोवैज्ञानिक विशेषता को सर्वाधिक सटीक रूप से रेखांकित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.