त्वरित लिंक्स
History of India
16 views
नगर प्रशासन का प्रमुख अधिकारी कौन होता था जिसकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कोतवाल नगर का मुख्य प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था अधिकारी था।
Related Questions
→
1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में हुए संघर्ष और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दानापुर छाउनी में 3 जुलाई 1857 को 7वीं, 7वीं और 8वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने विद्रोह का झंडा बुलंद किया और तुरंत शाहबाद जिले की ओर कूच कर गए जहाँ बाबू कुंवर सिंह ने उनका नेतृत्व संभाला।
2. पटना शहर में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का कुशल नेतृत्व पीर अली नामक एक स्थानीय पुस्तक विक्रेता (पुस्तफरोश) ने किया था, जिसे बाद में अंग्रेजों द्वारा गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई थी।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा क्षेत्र में विद्रोहियों ने कमिश्नर विलियम टेलर और मेजर विन्सेंट आयर के दमनकारी अभियानों के बावजूद सरकारी खजाने पर कब्जा कर लिया और नेपाल की सीमा तक अंग्रेजों को खदेड़ दिया।
4. आरा (जगदीशपुर) के जमींदार बाबू कुंवर सिंह ने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध दानापुर से आए सैनिकों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेनापति कैप्टन डनबर की सेना को बुरी तरह पराजित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के आर्थिक कारणों और ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों के प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रिटिश भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी) ने पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से विखंडित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कृषक वर्ग भारी कर्ज के जाल में फंस गया और महाजनों तथा साहूकारों का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया।
2. ब्रिटेन से सस्ते मशीनी कपड़ों और औद्योगिक वस्तुओं के भारी आयात ने भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे लाखों कारीगर और बुनकर बेरोजगार होकर कृषि पर आश्रित होने के लिए विवश हो गए।
3. ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपनाई गई मुक्त व्यापार नीति और एकतरफा शुल्क व्यवस्था (Free Trade Policy) के कारण पारंपरिक भारतीय विनिर्मित वस्तुओं का निर्यात ब्रिटिश बाजारों में पूरी तरह से शुल्क-मुक्त हो गया, जिससे भारतीय व्यापारिक हितों को ऐतिहासिक लाभ प्राप्त हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
वर्ष 1857 के विद्रोह के स्वरूप और उसकी प्रकृति के संबंध में विभिन्न ब्रिटिश एवं भारतीय इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध मतों और कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था" - आर.सी. मजूमदार
2. "यह विशुद्ध रूप से एक देशभक्तिपूर्ण स्वतंत्रता संग्राम था, जो विदेशी शासन के विरुद्ध सुनियोजित राष्ट्रीय विद्रोह के रूप में लड़ा गया था" - वी.डी. सावरकर
3. "यह एक सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था, जिसे भारतीय जनता द्वारा ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए अंतिम युद्ध के रूप में लड़ा गया था" - बेंजामिन डिजरायली
4. "यह मूलतः सिपाहियों का विद्रोह था, जिसका चरित्र पूरी तरह से सैनिक था और इसमें राष्ट्रीय भावना का पूर्ण अभाव था" - सर जॉन लॉरेन और सी.आर. रीस
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे द्वारा संचालित सैन्य अभियानों तथा उनके अंतिम संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज द्वारा झाँसी की घेराबंदी किए जाने पर, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ किले की रक्षा की और तात्या टोपे के नेतृत्व में बेतवा नदी के तट पर पहुँची विद्रोही सेना द्वारा अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी गई, किंतु तात्या टोपे की पराजय के पश्चात रानी को झाँसी छोड़नी पड़ी।
2. झाँसी के पतन के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने कालपी में एक संयुक्त मोर्चा बनाया, और कालपी के युद्ध में पराजित होने के बाद वे ग्वालियर की ओर बढ़े, जहाँ ग्वालियर के सिंधिया शासक जयाजीराव सिंधिया ने अंग्रेजों का पक्ष लिया, किंतु ग्वालियर के सैनिकों ने विद्रोहियों का साथ दिया जिससे ग्वालियर पर विद्रोहियों का अधिकार हो गया।
3. ग्वालियर पर अधिकार करने के पश्चात तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई ने नाना साहब को पेशवा घोषित कर दिया तथा ग्वालियर के किले को अपना सैन्य केंद्र बनाया, जहाँ 18 जून 1858 को सर ह्यूरोज की सेना के साथ हुए निर्णायक युद्ध में रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं।
4. ग्वालियर के पतन के उपरांत तात्या टोपे ने मध्य भारत और राजस्थान के जंगलों में प्रवेश कर छापामार (गुरिल्ला) युद्ध की नीति अपनाई, और अंततः नरवर के एक स्थानीय जागीरदार मानसिंह के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा पकड़े जाने पर शिवपुरी में उन्हें फांसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को कुचले गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ और कानपुर में विद्रोही ताकतों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया तथा कर्नल जेम्स नील के साथ मिलकर अवध की प्रारंभिक घेराबंदी को सुदृढ़ किया।
2. सर ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे की सेना के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया और झाँसी के पतन के बाद रानी की वीरता की प्रशंसा करते हुए उन्हें "विद्रोहियों में एकमात्र मर्द" कहा।
3. विलियम टेलर और विंसेंट आयर — बिहार क्षेत्र में बाबू वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व में हुए विद्रोह को दबाने और आरा पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने के लिए सैन्य कार्रवाई का संचालन किया।
4. कर्नल जेम्स नील — रोहिलखंड क्षेत्र में खान बहादुर खान के विद्रोह को कुचला तथा बरेली में शांति स्थापित करते हुए गवर्नर जनरल के आदेश पर प्रशासनिक सुधार लागू किए।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.