BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
26 views

बाल विकास में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) की परस्पर अंतःक्रिया (Interaction) के संदर्भ में रॉबर्ट वुडवर्थ (Robert Woodworth) के दृष्टिकोण तथा आधुनिक व्यवहार आनुवंशिकी (Behavioral Genetics) के निष्कर्षों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?

Detailed Explanation

बाल विकास में वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की अनिवार्य भूमिका होती है। प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट वुडवर्थ के अनुसार, विकास न तो केवल वंशानुक्रम का परिणाम है और न ही केवल वातावरण का, बल्कि यह दोनों का गुणनफल (Heredity × Environment) है। इसका अर्थ यह है कि दोनों कारक एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं और इनकी अंतःक्रिया से ही बालक का शारीरिक, मानसिक, और संवेगात्मक विकास संभव होता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की सबसे विशिष्ट और उन्नत संज्ञानात्मक खूबी निम्नलिखित में से कौन सी है, जो इसे 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' से अलग करती है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा का विश्लेषण करते समय, टॉमलिंसन (Tomlinson) द्वारा प्रतिपादित इसके चार प्रमुख तत्वों—सामग्री (Content), प्रक्रिया (Process), उत्पाद (Product), और सीखने का वातावरण (Learning Environment)—में से 'प्रक्रिया' (Process) तत्व का वास्तविक शैक्षणिक और कक्षा-कक्षीय निहितार्थ निम्नलिखित में से क्या है? → बाल विकास का कौन-सा चरण 'तनाव और तूफान (स्टॉर्म)' की अवधि को संदर्भित करता है? → गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक वोल्फगैंग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए अधिगम के प्रयोगों तथा उनके 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Theory of Insight) का गहन संज्ञानात्मक विश्लेषण करने पर, थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत और कोहलर की 'सूझ' के मध्य निम्नलिखित में से कौन-सा तात्विक अंतर स्थिति की संपूर्ण संरचना के प्रत्यक्ष बोध और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है? → सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) की संकल्पना और इसके अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) तथा 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक एवं कार्यात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल योगात्मक परीक्षणों (Summative Tests) पर निर्भर रहने के बजाय विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और गत्यात्मक पक्षों के निरंतर अवलोकन को प्राथमिकता देता है, तथा आकलन को 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) के रूप में और मूल्यांकन को एक व्यापक मूल्य-निर्णय प्रक्रिया के रूप में स्थापित करता है, तो इस संपूर्ण शैक्षिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.