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History of India
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औरंगजेब के शासन के अंत तक मुगल साम्राज्य की भौगोलिक सीमाएँ कहाँ तक पहुँच गई थीं?

Detailed Explanation

औरंगजेब के समय मुगल साम्राज्य अपने विस्तार के चरम पर था।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की क्रांतिकारी गतिविधियों तथा ब्रिटिश प्रतिरोध के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह की कमान संभाली और ब्रिटिश सेना के घेरेबंदी के बावजूद अंत तक आत्मसमर्पण करने के बजाय नेपाल की तराई में शरण लेना उचित समझा। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के रूप में भी जाना जाता था, ने चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को करारी शिकस्त दी थी और उनकी सैन्य नेतृत्व क्षमता से भयभीत होकर अंग्रेजों ने उन पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 3. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अवध के ही एक प्रमुख जमींदार राजा जगन्नाथ सिंह द्वारा अंग्रेजों के पक्ष में किए गए विश्वासघात के कारण पुवायाँ में घेर लिया गया, जहाँ वे अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्थापित 'प्रार्थना समाज' और 'आर्य समाज' के वैचारिक दृष्टिकोण, सामाजिक सुधार एजेंडे तथा धार्मिक सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रार्थना समाज की स्थापना वर्ष 1867 में केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से बंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य ध्यान अंतर-जाति विवाह, अंतर-जाति भोज, विधवा पुनर्विवाह और दलित जातियों के उत्थान जैसे सामाजिक सुधारों पर था। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, अवतारवाद और जन्म आधारित जाति व्यवस्था का पुरजोर खंडन किया तथा 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए वेदों की अचूकता और सर्वोच्चता को स्थापित किया। 3. प्रार्थना समाज के प्रमुख नेता और न्यायविद् महादेव गोविंद रानाडे ने समाज सुधार कार्यों को गति देने के लिए 'डेक्कन एजुकेशन सोसायटी' की स्थापना की, जबकि आर्य समाज ने पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली का पूर्ण बहिष्कार करते हुए केवल गुरुकुल पद्धति पर आधारित शिक्षा को ही एकमात्र विकल्प माना। 4. आर्य समाज ने हिंदू समाज से अलग हुए या इस्लाम व ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्तियों की पुनः हिन्दू धर्म में वापसी के लिए 'शुद्धि आंदोलन' की शुरुआत की थी, जिसे प्रार्थना समाज के सदस्यों का भी वैचारिक समर्थन प्राप्त था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को प्रस्तुत माउंटबेटन योजना में ब्रिटिश भारत के विभाजन का प्रस्ताव था, जिसके तहत पंजाब और बंगाल की विधानसभाओं को अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के पक्ष या विपक्ष में निर्णय लेने के लिए अलग-अलग बैठकें करने का अधिकार दिया गया था। 2. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (Indian Independence Act 1947) के प्रावधानों के अनुसार, 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश संसद का भारत पर से प्रभुत्व समाप्त हो गया और दोनों नए डोमिनियन (भारत और पाकिस्तान) को अपने संविधान बनाने तथा ब्रिटिश राष्ट्रमंडल (Commonwealth) से बाहर होने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई। 3. सीमा आयोग (Boundary Commission) के गठन के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ को बंगाल और पंजाब की सीमाओं के निर्धारण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, और उनकी अध्यक्षता में गठित इस आयोग ने 15 अगस्त 1947 से ठीक पहले अपने सीमा रेखा पुरस्कार (Award) की घोषणा कर दी थी। 4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण के समय सिलहट जिले (असम) में हुए जनमत संग्रह (Referendum) में जनता ने भारत के साथ बने रहने के पक्ष में स्पष्ट बहुमत दिया था, जिसके परिणामस्वरूप सिलहट को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में शामिल होने से बचा लिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? क्रांतिकारी आंदोलन के द्वितीय चरण और उससे जुड़े प्रमुख संगठनों तथा घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आज़ाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसमें समाजवाद को अपने मुख्य उद्देश्य के रूप में शामिल किया गया। 2. लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने दिसंबर 1928 में लाहौर में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जे.पी. सॉंडर्स की हत्या कर दी थी, जिसमें चंद्रशेखर आज़ाद ने भी सक्रिय रूप से गोलीबारी की थी। 3. वर्ष 1925 में घटित 'काकोरी षड्यंत्र' के मामले में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह के साथ-साथ चंद्रशेखर आज़ाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सरकार द्वारा फाँसी की सजा दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन के संदर्भ में माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) और उससे संबंधित प्रावधानों पर निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के अंतर्गत ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित करने का प्रस्ताव रखा गया था, तथा बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं को यह तय करने का अधिकार दिया गया था कि क्या उनका प्रांत विभाजित किया जाना चाहिए या नहीं। 2. इस योजना के तहत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने के निर्णय के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराए जाने का प्रावधान किया गया था। 3. रियासतों (Princely States) के भविष्य के निर्धारण के संबंध में माउंटबेटन योजना में यह स्पष्ट किया गया था कि वे या तो भारत डोमिनियन या पाकिस्तान डोमिनियन में शामिल हो सकती हैं, किंतु उन्हें अपनी इच्छा से स्वतंत्र रहने या एक अलग स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में रहने का भी पूर्ण संवैधानिक अधिकार दिया गया था। 4. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमाओं के निर्धारण और परिसंपत्तियों के बँटवारे के लिए सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी थी और दोनों देशों ने उसे तत्काल स्वीकार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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