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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कैबिनेट मिशन योजना (1946) के प्रावधानों के तहत संविधान सभा के लिए कुल 389 सीटें निर्धारित की गई थीं, जिनमें से ब्रिटिश प्रांतों को 292 सीटें, मुख्य आयुक्तों के 4 क्षेत्रों (दिल्ली, अजमेर-मारवाड़, कुर्ग और ब्रिटिश बलूचिस्तान) को 4 सीटें तथा देशी रियाساतों को 93 सीटें आवंटित की गईं, और देशी रियासतों के इन प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा किया जाना था, न कि प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा।
  2. 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने इस बैठक का पूर्ण बहिष्कार किया था, और इस बैठक में फ्रांसिसी प्रथा का अनुसरण करते हुए सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था, जबकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
  3. 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई समितियों का गठन किया गया था, जिनमें संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू, प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल, और प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्ण रूप से सत्य हैं। कैबिनेट मिशन योजना (1946) के तहत संविधान सभा का गठन किया गया था जिसमें कुल 389 सदस्यों का प्रावधान था। ब्रिटिश प्रांतों के 292 और 4 मुख्य कमिश्नरी क्षेत्रों के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा चुने गए थे, जबकि देशी रियासतों के 93 सदस्यों का मनोनयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा किया जाना था। 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक में मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया और डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष तथा एच.सी. मुखर्जी एवं वी.टी. कृष्णमाचारी को उपाध्यक्ष चुना गया। संविधान निर्माण के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था जिसमें संघ शक्ति समिति व संघीय संविधान समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू, प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल तथा प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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