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History of India
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मुगल प्रशासन में "मुश़रिफ" का मुख्य कार्य क्या था?

Detailed Explanation

मुश़रिफ एक लेखाकार अधिकारी होता था जो हिसाब रखता था।
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औरंगजेब की पत्नी का नाम: ग़दर पार्टी (Ghadar Party) और उसके क्रांतिकारी अभियानों के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग़दर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाख्ना और बाबा ज्वाला सिंह के प्रयासों से की गई थी, और इसका मुख्य उद्देश्य सशस्त्र क्रांति के माध्यम से भारत से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था। 2. इस पार्टी द्वारा 'ग़दर' नामक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन मुख्य रूप से गुरुमुखी और उर्दू में किया जाता था, जिसके प्रत्येक अंक के पहले पृष्ठ पर 'अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक से ब्रिटिश साम्राज्य की शोषणकारी नीतियों का पर्दाफाश किया जाता था। 3. प्रथम विश्व युद्ध के छिड़ने पर ग़दर पार्टी के नेताओं ने जर्मनी और ऑटोमन साम्राज्य से गुप्त वित्तीय और सैन्य सहायता प्राप्त कर भारत लौटने तथा फौजी छावनियों में विद्रोह भड़काने की एक व्यापक योजना बनाई थी, जिसे 'ग़दर षड्यंत्र' कहा जाता है। 4. फरवरी 1915 में निर्धारित सशस्त्र विद्रोह की योजना समय से पूर्व ही ब्रिटिश खुफिया तंत्र और मुखबिरों द्वारा लीक हो जाने के कारण विफल हो गई, जिसके परिणामस्वरूप लाला हरदयाल और रास बिहारी बोस को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर दिल्ली जेल में फांसी पर लटका दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक स्वरूप के संबंध में विभिन्न इतिहासकारों और विचारकों द्वारा दिए गए निम्नलिखित प्रसिद्ध मतों/कथनों पर विचार कीजिए: 1. इतिहासकार जॉन लॉरेंस और सी. आर. सीले (John Lawrence & Seeley) के अनुसार 1857 का विद्रोह पूर्णतः एक 'सिपाही विद्रोह' (Sepoy Mutiny) मात्र था, जिसका उद्देश्य किसी राष्ट्रीय स्वतंत्रता या जन-आंदोलन का रूप लेना नहीं था, बल्कि यह केवल अनुशासित सैनिकों का अपनी सरकार के खिलाफ किया गया असंतोष था। 2. ब्रिटिश इतिहासकार टी. आर. होम्स (T. R. Holmes) का मानना था कि 1857 का विद्रोह 'सभ्यता और बर्बरता के बीच का संघर्ष' (Conflict between Civilization and Barbarism) था, जिसमें अंग्रेजों ने आधुनिक सभ्यता और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए इस क्रूर विद्रोह का दमन किया था। 3. स्वतंत्रता सेनानी और इतिहासकार विनायक दामोदर सावरकर (V. D. Savarkar) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक में इसे सुनियोजित ढंग से लड़ा गया भारत का 'प्रथम स्वतंत्रता संग्राम' (First War of Indian Independence) घोषित किया था। 4. प्रसिद्ध मार्क्सवादी इतिहासकार एस. एन. सेन (S. N. Sen) ने अपनी आधिकारिक पुस्तक '1857' में यह निष्कर्ष निकाला था कि यह महान विद्रोह राष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेजों के विरुद्ध एक सुनियोजित और पूर्व-नियोजित षड्यंत्र था, जिसकी शुरुआत एक धर्मयुद्ध के रूप में हुई और अंततः इसका समापन स्वतंत्रता प्राप्ति के रूप में हुआ था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? औरंगजेब की धार्मिक कट्टरता के कारण उसके किस पुत्र ने राजपूतों के साथ मिलकर विद्रोह किया था? सविनय अवज्ञा आंदोलन, गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1930 में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग नहीं लिया था, क्योंकि महात्मा गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेता सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण जेल में बंद थे। 2. मार्च 1931 में हुए 'गांधी-इरविन समझौते' के अंतर्गत ब्रिटिश सरकार ने हिंसात्मक अपराधों के आरोपियों को छोड़कर शेष सभी राजनीतिक बंदियों को तुरंत रिहा करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन भारतीय लोगों को अपने निजी उपयोग के लिए समुद्र तट पर नमक बनाने का अधिकार देने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। 3. गांधी-इरविन समझौते के उपरांत आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन (1931) में इस समझौते का अनुमोदन किया गया और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने पूर्ण स्वतंत्रता का प्रस्ताव पारित किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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