त्वरित लिंक्स
History of India
11 views
इतालवी यात्री "मनुची" (Niccolao Manucci) ने मुगल दरबार का वर्णन अपनी किस पुस्तक में किया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मनुची ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक स्टोरियो डू मोगोर में मुगल इतिहास लिखा।
Related Questions
→
मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा राजधानी दिल्ली से दौलताबाद ले जाने की योजना सफल रही या असफल?
→
मध्यकालीन भारत के सूफी और भक्ति आंदोलनों के दार्शनिक सिद्धांतों और उनके प्रमुख संतों के योगदान के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूफी संतों की 'वहतुल वजूद' (अस्तित्व की एकता) की संकल्पना का प्रतिपादन प्रसिद्ध दार्शनिक इब्न अल-अरबी ने किया था, जिसके अनुसार सृष्टिकर्ता और उसकी सृष्टि मूल रूप से एक ही हैं, और इस विचार ने भारतीय अद्वैत वेदांत दर्शन के साथ निकटता स्थापित की।
2. महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वरी के रचयिता) और संत तुकाराम ने जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना को खारिज करते हुए विट्ठल (विहोबा) की भक्ति पर बल दिया, जहाँ पंढरपुर इस आंदोलन का मुख्य केंद्र था।
3. सूफी संतों का 'चिशती' सिलसिला भारत में अत्यधिक लोकप्रिय हुआ, जिसके संस्थापक ख्वाजा मोइनुद्दीन चिशती थे, तथा इस सिलसिले के संतों ने राजदरबारों से दूरी बनाए रखी और राजाओं द्वारा दिए गए बड़े भू-अनुदानों तथा शाही जागीरों को अनिवार्य रूप से स्वीकार किया।
4. भक्ति आंदोलन की निर्गुण शाखा के प्रमुख संत कबीर ने बाह्य आडंबरों, मूर्तिपूजा, तीर्थाटन और औपचारिक धार्मिक कर्मकांडों का कड़ा विरोध करते हुए एक निराकार ईश्वर की भक्ति और आंतरिक शुद्धि पर जोर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के मध्यम प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग) और जैन धर्म के त्रिरत्न (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र) दोनों ही वेदों की सर्वोच्चता को स्वीकार करते हुए यज्ञ और कर्मकांड के कठोर नियमों का खंडन करते हैं।
2. जैन धर्म में आत्मा (जीव) की स्वतंत्र सत्ता को पूर्णतः स्वीकार किया गया है तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए कायाक्लेश और संथारा (संलेखना) पद्धति को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जबकि बौद्ध धर्म 'अनआत्मा' (अनात्मवाद) के सिद्धांत का प्रतिपादन करता है जिसके अनुसार किसी भी स्थायी या शाश्वत आत्मा का अस्तित्व नहीं है।
3. बौद्ध धर्म के प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन वैशाली में महाकस्सप की अध्यक्षता में अजातशत्रु के शासनकाल में हुआ था, जिसमें सुत्तपिटक और विनयपिटक का संकलन किया गया था।
4. जैन धर्म की प्रथम जैन संगीति पाटलिपुत्र में स्थूलभद्र की अध्यक्षता में हुई थी, जिसके दौरान जैन ग्रंथों के बिखरे हुए ज्ञान को संकलित करने के लिए 'अंगों' का निर्माण किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
कृष्णदेव राय ने संस्कृत में किस प्रसिद्ध नाटक की रचना की थी?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों और उनकी रणनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज द्वारा झाँसी की घेराबंदी किए जाने के बाद, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ वीरतापूर्वक संघर्ष किया और कालपी पहुँचीं, जहाँ तात्या टोपे ने उनके साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक संयुक्त और प्रभावी सैन्य मोर्चा संभाला था।
2. कालपी के युद्ध में पराजित होने के पश्चात रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया को अपने पक्ष में करने में पूर्ण रूप से सफल रहे, जिनके सहयोग से उन्होंने ग्वालियर के किले पर स्थाई रूप से अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित किया।
3. ग्वालियर के पतन के अंतिम चरण में ब्रिटिश सेना से भीषण युद्ध करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरगति को प्राप्त हुईं, जबकि तात्या टोपे वहाँ से सुरक्षित निकलने में सफल रहे और बाद में उन्होंने मध्य भारत के जंगलों में अंग्रेजों के विरुद्ध गोरिल्ला युद्ध का नेतृत्व किया, जहाँ एक स्थानीय जमींदार के विश्वासघात के कारण उन्हें बंदी बना लिया गया और फाँसी दे दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.