BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
17 views

भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और सदनों की संयुक्त बैठकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 108 के अनुसार, यदि किसी साधारण विधेयक के एक सदन द्वारा पारित किए जाने और दूसरे सदन को भेजे जाने के बाद, दूसरे सदन द्वारा विधेयक को अस्वीकार कर दिया जाता है, या संशोधनों के संबंध में दोनों सदनों के बीच अंतिम रूप से असहमति हो जाती है, या दूसरा सदन विधेयक को प्राप्त होने की तारीख से छह मास से अधिक समय तक बिना पारित किए अपने पास रोक रखता है, तो राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक आहूत कर सकता है, किंतु यह प्रावधान धन विधेयक (Money Bill) या संविधान संशोधन विधेयक (Constitutional Amendment Bill) पर लागू नहीं होता है।
  2. 2. लोकसभा के विघटन के कारण व्यपगत (Lapse) होने वाले विधेयकों के संबंध में नियम यह है कि लोकसभा में लंबित प्रत्येक विधेयक, चाहे वह लोकसभा में ही प्रारंभ हुआ हो या राज्यसभा से पारित होकर लोकसभा में आया हो, लोकसभा के विघटन पर व्यपगत हो जाता है, सिवाय उस स्थिति के जब वह विधेयक राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त बैठक बुलाए जाने के लिए अधिसूचित किया जा चुका हो।
  3. 3. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा के अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित है, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष उसकी अध्यक्षता करता है, तथा यदि उपाध्यक्ष भी अनुपस्थित है, तो राज्यसभा का उपसभापति उसकी अध्यक्षता करेगा, किंतु किसी भी परिस्थिति में राज्यसभा का सभापति (भारत का उपराष्ट्रपति) संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है क्योंकि वह संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक का प्रावधान केवल साधारण विधेयकों या वित्तीय विधेयकों (अनुच्छेद 117) के संबंध में है। धन विधेयक (अनुच्छेद 110) और संविधान संशोधन विधेयक (अनुच्छेद 368) के मामलों में संयुक्त बैठक नहीं बुलाई जा सकती।

कथन 2 गलत है क्योंकि लोकसभा के विघटन पर राज्यसभा में लंबित और लोकसभा द्वारा पारित न किया गया विधेयक व्यपगत नहीं होता है। इसके अलावा, यदि कोई विधेयक लोकसभा में लंबित है किंतु राष्ट्रपति ने अनुच्छेद 108 के तहत संयुक्त बैठक बुलाने के अपने आशय की सूचना दे दी है, तो ऐसी स्थिति में भी लोकसभा के विघटन से वह विधेयक व्यपगत नहीं होता है।

कथन 3 सही है क्योंकि संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं, उनकी अनुपस्थिति में लोकसभा उपाध्यक्ष, और यदि वह भी न हों तो राज्यसभा के उपसभापति करते हैं। चूंकि राज्यसभा का सभापति (उपराष्ट्रपति) किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है, वह कभी भी संयुक्त बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सकता है। इस प्रकार की संपूर्ण और गहन जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ टायफाइड और कालरा (हैजा) किसके विशिष्ट उदाहरण हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल के सदनों—विधानसभा (Legislative Assembly) और विधान परिषद (Legislative Council)—की संरचना, गठन और उनके विधايिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार किसी राज्य की विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती, किंतु यह संख्या किसी भी स्थिति में चालीस से कम नहीं होगी, सिवाय इसके कि संसद विधि द्वारा कोई विशेष उपबंध करे। 2. विधान परिषद के कुल सदस्यों का एक-तिहाई हिस्सा स्थानीय निकायों (जैसे नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों) के निर्वाचकों से बने निर्वाचक मंडलों द्वारा चुना जाता है, तथा एक-बाराहवां हिस्सा ऐसे स्नातकों द्वारा चुना जाता है जो उस राज्य के क्षेत्र में कम से कम तीन वर्ष पूर्व ग्रेजुएट हो चुके हों और वहां निवास कर रहे हों। 3. यदि किसी राज्य की विधानसभा अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से कोई संकल्प पारित कर देती है, तो संसद के लिए यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य हो जाता है कि वह उस राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन (Abolition) के लिए विधि बनाए, और ऐसी विधि को अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए संविधान का संशोधन नहीं माना जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान की राजभाषा, राजनीतिक दलों से संबंधित प्रावधानों तथा संविधान की अनुसूचियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में 21वें, 71वें, 92वें और 96वें संविधान संशोधन अधिनियमों के माध्यम से कुल 22 भाषा किया गया, और 96वें संशोधन द्वारा 'उड़िया' शब्द के स्थान पर 'ओड़िया' किया गया तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को जोड़ा गया। 2. दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के प्रावधानों के तहत यदि किसी राजनीतिक दल के कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्य किसी अन्य दल में विलय (Merger) कर लेते हैं, तो वे दलबदल के आधार पर अयोग्यता से सुरक्षित रहते हैं, तथा इस विलय के लिए यह आवश्यक है कि मूल राजनीतिक दल का किसी अन्य दल में विलीनीकरण हुआ हो। 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 यह अनिवार्य करता है कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित सभी अधिनियमों और विधेयकों के आधिकारिक पाठ केवल अंग्रेजी भाषा में ही होंगे, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत का संविधान 'अर्ध-संघीय' (Quasi-Federal) है, यह किसने कहा था? → मौलिक कर्तव्यों को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.