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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश भारत के प्रांतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आवंटित की गई थीं, किंतु रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा परामर्श के माध्यम से किया जाना तय हुआ था, न कि निर्वाचन द्वारा।
  2. 2. संविधान सभा की कुल 389 प्रस्तावित सीटों में से 292 सीटें ब्रिटिश प्रांतों के गवर्नरों के प्रांतों से, 4 सीटें मुख्य आयुक्त के प्रांतों (Chief Commissioners' Provinces) से और 93 सीटें भारतीय रियासतों (Princely States) से भरी जानी थीं, तथा प्रत्येक प्रांत की सीटों को तीन प्रमुख समुदायों - मुस्लिम, सिख और सामान्य (मुस्लिम व सिख को छोड़कर) में उनकी जनसंख्या के अनुपात में विभाजित किया गया था।
  3. 3. यद्यपि संविधान सभा के चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए थे, तथापि इसमें महात्मा गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना दोनों ने संविधान सभा की बैठकों में सक्रिय रूप से भाग लिया था और देश के विभाजन को रोकने के लिए सभा के शुरुआती अधिवेशनों में अपनी सहमति दर्ज कराई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के जरिए हुआ था। रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन उनके शासकों द्वारा किया जाना था।
कथन 2 सही है: संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 तय की गई थी, जिसमें 292 ब्रिटिश प्रांतों से, 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों से और 93 देशी रियासतों से थे। सीटों का आवंटन मुस्लिम, सिख और सामान्य समुदायों के बीच उनकी जनसंख्या के अनुपात में किया गया था।
कथन 3 गलत है: संविधान सभा के निर्वाचन और बैठकों में महात्मा गांधी और मोहम्मद अली जिन्ना दोनों ही सीधे तौर पर संविधान सभा के सदस्य नहीं थे और न ही उन्होंने इसकी बैठकों में भाग लिया था। जिन्ना मुस्लिम लीग के बहिष्कार के फैसले पर अड़े रहे और गांधीजी ने सभा से दूरी बनाए रखी।
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