BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
15 views

भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की अधिकारिता, रिट क्षेत्राधिकार और अधीनस्थ न्यायालयों के नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के अधीन किसी उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार भौगोलिक सीमाओं के मामले में उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अधीन रिट क्षेत्राधिकार की तुलना में अधिक विस्तृत है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ 'किसी अन्य प्रयोजन' के लिए भी रिट जारी कर सकता है, तथा यह रिट ऐसे किसी व्यक्ति या प्राधिकारी के विरुद्ध भी जारी की जा सकती है जो उच्च न्यायालय के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर स्थित हो, भले ही वह प्राधिकारी या सरकार उस क्षेत्र के बाहर स्थित हो बशर्ते उसका कारण उच्च न्यायालय के अधिकारक्षेत्र में उत्पन्न हुआ हो।
  2. 2. अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति प्राप्त है, और इस शक्ति में न्यायिक अधीक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधीक्षण (Administrative Superintendence) का अधिकार भी शामिल है, जिसे राज्य विधानमंडल की विधि द्वारा भी छीना नहीं जा सकता है।
  3. 3. संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें posting, promotion और छुट्टी का अनुदान शामिल है, संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है, किंतु जिला न्यायाधीशों की प्रारंभिक नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके ही की जाती है, न कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय का रिट क्षेत्राधिकार विस्तृत है क्योंकि यह मौलिक अधिकारों के साथ सामान्य कानूनी अधिकारों ('किसी अन्य प्रयोजन') के लिए भी रिट जारी कर सकता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय को अपने अधीनस्थ न्यायालयों और अधिकरणों पर न्यायिक और प्रशासनिक दोनों प्रकार की अधीक्षण शक्ति प्राप्त है, जो इसका मूल ढांचा (Basic Structure) है। कथन 3 सही है क्योंकि अनुच्छेद 235 के अनुसार अधीनस्थ न्यायपालिका पर नियंत्रण उच्च न्यायालय का है और जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय के परामर्श से की जाती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर अध्ययन करें।
Share:

Related Questions

अनुच्छेद 51A में कर्तव्य किस संशोधन से आए? राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति किसके नेतृत्व वाली समिति करती है? भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction), प्रशासनिक नियंत्रण तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी राज्य के उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ 'किसी अन्य प्रयोजन' (अर्थात सामान्य विधिक अधिकारों के उल्लंघन पर) के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस संदर्भ में उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र सर्वोच्च न्यायालय की तुलना में अधिक विस्तृत है। 2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के बिना सीधे मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती है। 3. संविधान के अनुच्छेद 235 के अनुसार प्रत्येक राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी देना शामिल है, उच्च न्यायालय में निहित होता है, न कि राज्य सरकार के प्रशासनिक मंत्रालयों के पास। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल के दौरान भारत में संवैधानिक विकास और केंद्रीयकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में 'चार्टर अधिनियम, 1853' (Charter Act of 1853) की मुख्य विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधाई और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया, जिसके तहत परिषद में छह नए पार्षद जोड़े गए जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, और इस प्रकार एक छोटी 'केंद्रीय विधान परिषद' की स्थापना की गई जो संसद की तर्ज पर कार्य करती थी। 2. इस अधिनियम ने सिविल सेवकों की भर्ती एवं चयन के लिए खुली प्रतियोगिता प्रणाली का शुभारंभ किया और मैकाले समिति (1854) की नियुक्ति इसी उद्देश्य से की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह परीक्षा भारतीयों के लिए भी सुलभ हो गई। 3. इस अधिनियम के द्वारा कंपनी के भारतीय क्षेत्रों को ब्रिटिश राजशाही के विश्वास (Trust) के तहत दोबारा अगले अनिश्चित काल के लिए सौंप दिया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि कंपनी का शासन जब तक संसद चाहेगी, तब तक और अधिक वर्षों के लिए जारी रह सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? संसद के उच्च सदन को क्या कहते हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.