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History of India
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जहाँगीर के दरबार का वह कौन सा चित्रकार था जो पक्षियों और जानवरों के चित्र बनाने में विश्व प्रसिद्ध था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उस्ताद मंसूर प्रकृति और जानवरों के चित्रण के लिए प्रसिद्ध थे।
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भक्ति और सूफी आंदोलन के दार्शनिक तथा सामाजिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शंकराचार्य द्वारा प्रतिपादित 'अद्वैत वेदांत' के अनुसार ब्रह्म ही एकमात्र सत्य है और जगत माया है, जबकि रामानुजचार्य ने 'विशिष्टाद्वैत' के सिद्धांत का प्रतिपादन करते हुए जीव और जगत को ब्रह्म का ही अंश माना है और भक्ति को मोक्ष का सर्वोच्च मार्ग बताया है।
2. सूफी सिलसिलों में 'बा-शरा' (इस्लामी शरीयत के कानूनों का पालन करने वाले, जैसे चिश्ती और सुहरावर्दी) तथा 'बे-शरा' (शरीयत के बंधन से मुक्त, जैसे कलंदर और मदारिया) दो प्रमुख धाराओं में विभाजित थे, जिनमें चिश्ती सिलसिला भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ और इसके संतों ने स्थानीय भाषाओं (जैसे हिंदी और दक्खनी) को अपनाया।
3. महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वरी के रचयिता) और संत तुकाराम ने जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध करते हुए विठ्ठल (विठोबा) भक्ति पर बल दिया, किंतु उन्होंने ब्राह्मणवादी ग्रंथों और भगवद्गीता पर आधारित दार्शनिक वार्ताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया था।
4. चिश्ती सिलसिले के महान संत शेख निजामुद्दीन औलिया (महबूब-ए-इलाही) के दरबार में सात सुल्तानों का शासनकाल बदला, किंतु उन्होंने कभी भी किसी भी सुल्तान के दरबार या राजनीतिक सत्ता से प्रत्यक्ष संबंध नहीं रखा और अपने खानकाह में सभी वर्गों के लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गदर पार्टी और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) तथा उसके वैचारिक एवं संगठनात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में एक सशक्त सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंकना था।
2. वर्ष 1924 में कानपुर में स्थापित 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) के संस्थापकों में सचिन्द्र नाथ सन्याल, रामप्रसाद बिस्मिल और चंद्रशेखर आजाद शामिल थे, और इस संगठन ने अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए वर्ष 1925 में प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन डकैती' को अंजाम दिया था।
3. भगत सिंह और उनके सहयोगियों ने वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में HRA का पुनर्गठन करते हुए इसका नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया था, जिसमें समाजवादी विचारधारा को संगठन के मुख्य एजेंडे के रूप में शामिल किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के विभिन्न कारणों (राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजनीतिक कारणों के अंतर्गत लॉर्ड डलहौजी द्वारा अपनाए गए 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के तहत सतारा, नागपुर और झांसी के अतिरिक्त अवध का भी विलय कर लिया गया था, जिससे भारतीय शासकों के साथ-साथ पारंपरिक कुलीन वर्ग में भी तीव्र असंतोष फैला।
2. सामाजिक एवं धार्मिक कारणों में वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेवा Enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) शामिल था, जिसके अनुसार नए रंगरूटों को आवश्यकता पड़ने पर समुद्र पार (Overseas) सेवा देने के लिए भी तैयार रहना था, जिसे उस काल के रूढ़िवादी हिंदू समाज में धर्म और जाति के विरुद्ध माना गया।
3. आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की भारी-भरकम भू-राजस्व प्रणालियों (जैसे रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्था) के कारण किसानों का भारी मात्रा में कर्ज में डूबना और ब्रिटिश मशीनों से बने सस्ते कपड़ों के आयात से पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प व कपड़ा उद्योग का पूरी तरह बैठ जाना प्रमुख था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त साम्राज्य के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, जिसके तहत राजा द्वारा ब्राह्मणों और अधिकारियों को दिए जाने वाले 'अग्रहार' और 'देवर्दान' अनुदानों में न केवल भू-राजस्व का अधिकार शामिल था, बल्कि धीरे-धीरे प्रशासनिक और न्यायिक स्वायत्तता भी प्रदान की जाने लगी।
2. गुप्त काल में मुद्रा व्यवस्था के अंतर्गत सबसे अधिक शुद्ध सोने के सिक्के (जिसे 'दिनार' कहा जाता था) जारी किए गए, हालांकि कुषाणों की तुलना में गुप्तकालीन स्वर्ण मुद्राओं में सोने की मात्रा कम और मिलावट अधिक थी, तथा दैनिक लेन-देन के लिए तांबे के सिक्कों का प्रचुर मात्रा में प्रयोग होता था।
3. गुप्त राजवंश के शासक मूल रूप से भागवत धर्म (वैष्णव धर्म) के अनुयायी थे और उन्होंने 'परमभागवत' की उपाधि धारण की थी, किंतु उनके शासनकाल में बौद्ध धर्म और जैन धर्म को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था तथा नालंदा महाविहार के निर्माण में गुप्त शासकों ने कोई सहायता नहीं दी थी।
4. कालिदास, आर्यभट्ट और वाराहीमिहिर जैसे महान विद्वान गुप्त काल से संबंधित हैं; जहाँ एक ओर आर्यभट्ट ने अपनी पुस्तक 'आर्यभटियम्' में पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने (घूर्णन) और सूर्यग्रहण व चंद्रग्रहण के वास्तविक वैज्ञानिक कारणों का प्रतिपादन किया, वहीं वाराहीमिहिर ने खगोल विज्ञान पर 'पंचसिद्धान्तिका' की रचना की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की गतिविधियों और उनके रणनीतिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए नाना साहब ने स्वयं को पेशवा घोषित किया और पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र के रूप में अपनी पेंशन बंद किए जाने तथा ब्रिटिश साम्राज्यवादी नीतियों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का शंखनाद किया।
2. नाना साहब के मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में अजीमुल्ला खां ने कार्य किया था, जिन्होंने विद्रोह के दौरान विदेशी संपर्कों और कूटनीतिक संदेशों को प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
3. तात्या टोपे ने नाना साहब की सेना के प्रधान सेनापति के रूप में कानपुर की सुरक्षा और सैन्य अभियानों का संचालन किया, तथा ब्रिटिश जनरल सर कॉलिन कैंपबेल की सेना के पराजित होने के बाद उन्होंने तुरंत आत्मसमर्पण कर दिया था।
4. कानपुर के पतन के पश्चात नाना साहब नेपाल की ओर पलायन कर गए, जहाँ उनका अंतिम जीवन और उनकी मृत्यु का सटीक ऐतिहासिक विवरण आज भी पूरी तरह अस्पष्ट है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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