त्वरित लिंक्स
Indian Polity
24 views
भारतीय संविधान के भाग-II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और संसद की विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाएगी, और यह नियम युद्धकाल या शांति काल दोनों ही परिस्थितियों में समान रूप से प्रभावी होता है।
- 2. अनुच्छेद 10 के तहत प्रत्येक व्यक्ति जो इस भाग के प्रावधानों के अनुसार भारत का नागरिक है या माना जाता है, वह संसद द्वारा बनाई जाने वाली किसी भी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए नागरिक बना रहेगा, जिसका अर्थ है कि नागरिकता के अधिकार की निरंतरता पूरी तरह से संसद के कानूनों के अधीन है।
- 3. अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विनियमन करने की पूर्ण शक्ति प्रदान करता है, किंतु संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित है कि संसद इस शक्ति का प्रयोग केवल संविधान संशोधन (अनुच्छेद 368) के माध्यम से ही कर सकती है, साधारण कानून बनाकर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राष्ट्र की नागरिकता ग्रहण कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। कथन 2 सही है क्योंकि अनुच्छेद 10 के तहत नागरिकता के अधिकारों की निरंतरता संसद द्वारा बनाई जाने वाली विधियों के अधीन होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संसद को नागरिकता से संबंधित कानून बनाने के लिए संविधान में अनुच्छेद 368 के तहत विशेष संशोधन प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि संसद साधारण बहुमत से 'भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955' जैसे कानून बना सकती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
Related Questions
→
राष्ट्रपति शासन (President\s Rule) से संबंधित प्रावधान संविधान के किस अनुच्छेद में है?
→
भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों (Emergency Provisions) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए सर्वथा बाध्य कर दिया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) संपूर्ण देश में अथवा देश के किसी विशिष्ट हिस्से में एक साथ लागू किया जा सकता है।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल 'युद्ध', 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर ही की जा सकती है, और 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हमेशा के लिए हटा दिया गया।
3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संविधान के अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है, और यह ऐतिहासिक सुरक्षा कवच 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना, शक्तियों और क्षेत्राधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर किसी भी व्यक्ति या प्राधिकारी को निर्देश, आदेश या रिट (जैसे बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा और प्रतिषेध) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और यह रिट अधिकारिता सर्वोच्च न्यायालय की अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक व्यापक है क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के अतिरिक्त सामान्य कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
2. अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, किंतु जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के लिए व्यक्ति कम से कम सात वर्ष का अधिवक्ता होना चाहिए और वह केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में पहले से सेवारत नहीं होना चाहिए।
3. अनुच्छेद 235 के तहत अधीनस्थ न्यायालयों (जिनमें जिला न्यायालय और उनके अधीनस्थ अन्य न्यायालय शामिल हैं) पर नियंत्रण का अधिकार, जिसमें उनकी पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टियों का अनुदान शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है, न कि राज्य सरकार के कार्यकारी विभागों में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राष्ट्रपति को यह बाध्य किया गया कि वह मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही कार्य करेगा, तथा इसी संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को केवल तभी निलंबित किया जा सकता है जब आपातकाल 'युद्ध या बाह्य आक्रमण' के आधार पर घोषित किया गया हो, न कि 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर उसके स्थान पर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को अंतःस्थापित किया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल मंत्रिमंडल (Cabinet) के लिखित निर्णय के आधार पर ही की जा सकती है।
3. 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को किसी भी न्यायालय में न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से बाहर रखा जाएगा, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा समाप्त कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) में उल्लिखित 'स्वतंत्रता, समता और बंधुता' (Liberty, Equality, and Fraternity) के आदर्शों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना में वर्णित स्वतंत्रता, समता और बंधुता के ये तीनों आदर्श फ्रांसीसी क्रांति (1789) से प्रेरित हैं, जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान भी प्रमुखता से स्वीकार किया गया था।
2. प्रस्तावना में पाँच प्रकार की स्वतंत्रताओं — विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना — का उल्लेख किया गया है, तथा यह सभी स्वतंत्रताएँ प्रकृति से न्यायसंगत (Justiciable) हैं, अर्थात इनके उल्लंघन पर सीधे उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
3. प्रस्तावना में 'समता' (Equality) के अंतर्गत प्रतिष्ठा और अवसर की समता का उपबंध किया गया है, जबकि 'बंधुता' का उद्देश्य व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को सुनिश्चित करना है, जिसमें 'अखंडता' शब्द मूल संविधान में नहीं था बल्कि इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.