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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग-II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और संसद की विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 5 के अनुसार, संविधान के प्रारंभ पर प्रत्येक वह व्यक्ति भारत का नागरिक था जिसका अधिवास भारत के राज्यक्षेत्र में था और जो भारत के राज्यक्षेत्र में जन्मा था या जिसके माता-पिता में से कोई एक भारत के राज्यक्षेत्र में जन्मा था, अथवा जो ऐसे प्रारंभ से ठीक पहले कम से कम पाँच वर्ष तक भारत के राज्यक्षेत्र में साधारणतया निवासी रहा था।
  2. 2. अनुच्छेद 8 के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकारों का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत यदि कोई व्यक्ति या उसके माता-पिता में से कोई एक अथवा दादा-दादी या नाना-दादी में से कोई एक अविभाजित भारत में जन्मा था और वह भारत से बाहर किसी देश में निवास कर रहा हो, तो वह भारत का नागरिक बन सकता है, बशर्ते उसने भारत के डोमिनियन की सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया के अनुसार भारत के राजनयिक या कौंसलिया प्रतिनिधि के पास नागरिकता के लिए पंजीकरण करा लिया हो, चाहे वह स्वतंत्रता से पहले हो या बाद में।
  3. 3. अनुच्छेद 7 के तहत पाकिस्तान को प्रव्रजन करने वाले कुछ व्यक्तियों के नागरिकता के अधिकारों का नियमन किया गया है, जिसके अनुसार 1 मार्च 1947 के बाद भारत से पाकिस्तान के राज्यक्षेत्र को प्रव्रजन करने वाला कोई भी व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं समझा जाएगा, भले ही वह बाद में पुनर्वास के परमिट के आधार पर भारत लौट आया हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 5 के अंतर्गत संविधान के प्रारंभ (26 जनवरी 1950) पर भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए तीन शर्तों में से एक का पूरा होना आवश्यक था—अधिवास भारत में हो और जन्म भारत में हुआ हो; या माता-पिता में से कोई एक भारत में जन्मा हो; या संविधान लागू होने से ठीक पूर्व कम से कम 5 वर्ष तक भारत में साधारणतया निवासी रहा हो।

कथन 2 सही है: अनुच्छेद 8 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जो स्वयं या जिसके माता-पिता या दादा-दादी/नाना-दादी में से कोई अविभाजित भारत (1935 के अधिनियम के अनुसार परिभाषित) में जन्मा था, भारत से बाहर किसी देश में रह रहा है, तो वह भारत का नागरिक पंजीकृत हो सकता है यदि उसने भारत डोमिनियन या भारत के संविधान के प्रारंभ होने से पहले या उसके पश्चात भारत के राजनयिक प्रतिनिधि के समक्ष आवेदन किया हो।

कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 7 के अनुसार, जो व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद भारत से पाकिस्तान प्रव्रजन कर गया था, वह भारत का नागरिक नहीं माना जाएगा; परंतु यदि वह व्यक्ति भारत में पुनर्वसन (Resettlement) या स्थायी रूप से लौटने के परमिट के अधीन वापस आ गया है और अनुच्छेद 6 के खंड (b) के प्रयोजनों के लिए आवेदन करता है, तो उसे भारत की नागरिकता पुनः प्राप्त करने का अधिकार मिल सकता है। भारत के संविधान के विस्तृत अध्ययन के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर विजिट करें।
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