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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों की सीटों का आबंटन प्रमुख रूप से कुल जनसंख्या के अनुपात में लगभग दस लाख की आबादी पर एक सीट के आधार पर किया गया था।
  2. 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग के सदस्यों ने भाग लिया था और सभा के स्थायी अध्यक्ष के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद का निर्वाचन किया गया था, जबकि अस्थायी अध्यक्ष के रूप में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को चुना गया था।
  3. 3. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, जिस दिन संविधान सभा द्वारा संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और इसे अंगीकृत तथा अधिनियमित किया गया, तथा इसी दिन सभा का अस्तित्व स्वतः समाप्त हो गया और यह अंतरिम संसद में परिवर्तित हो गई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत पद्धति से किया गया था। ब्रिटिश प्रांतों को जनसंख्या के आधार पर (प्रत्येक दस लाख की आबादी पर एक सीट) सीटें आवंटित की गई थीं। कथन 2 गलत है क्योंकि 9 दिसंबर 1946 को हुई संविधान सभा की प्रथम बैठक का मुस्लिम लीग ने पूर्ण बहिष्कार किया था। इस बैठक में केवल 211 सदस्यों ने भाग लिया था और डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष (सदन के वरिष्ठतम सदस्य होने के नाते) बनाया गया था, जबकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बाद में 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष चुना गया था। कथन 3 गलत है क्योंकि संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को अवश्य हुई थी, परंतु संविधान को 26 नवंबर 1949 को ही अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित कर दिया गया था, जबकि 24 जनवरी 1950 को सदस्यों द्वारा उस पर हस्ताक्षर किए गए थे और राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय गीत तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में औपचारिक रूप से अपनाया गया था। संविधान निर्माण से जुड़ी संपूर्ण ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत पाठ्यक्रम का अध्ययन कर सकते हैं।
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