त्वरित लिंक्स
History of India
11 views
औरंगजेब के सेनापति मीर जुमला ने उत्तर-पूर्व के किस राज्य को जीतकर वहाँ संधि की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मीर जुमला ने अहोम राज्य के विरुद्ध अभियान का नेतृत्व किया था।
Related Questions
→
वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन के दौरान घटित निम्नलिखित ऐतिहासिक घटनाओं और उनके प्रभावों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में प्रसिद्ध 'बहिष्कार प्रस्ताव' (Boycott Resolution) पारित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश निर्मित वस्तुओं का त्याग करना था।
2. ब्रिटिश पत्रकार एच.डब्ल्यू. नेविनसन (H.W. Nevinson), जो स्वदेशी आंदोलन के दौरान भारत आए थे, ने इस आंदोलन के सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभावों का सजीव चित्रण अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द न्यू स्पिरिट इन इंडिया' में किया है।
3. स्वदेशी आंदोलन की प्रतिक्रियास्वरूप दक्षिण भारत में वी. चिदंबरम पिल्लै ने स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी (Swadeshi Steam Navigation Company) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश भारत स्टीम नेविगेशन कंपनी की एकाधिकारवादी नीतियों को चुनौती देना था।
4. कांग्रेस के वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन (अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी) में उग्रवादी और नरमपंथी गुटों के बीच गंभीर वैचारिक मतभेद के कारण स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वशासन (राज) के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
लाहौर की प्रसिद्ध "बादशाही मस्जिद" का निर्माण किस मुगल शासक ने करवाया था?
→
ब्रिटिश शासनकाल में भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों—स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी—के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में लॉर्ड कॉर्नवॉलिस द्वारा 1793 में लागू 'स्थाई बंदोबस्त' के तहत जमींदारों को भूमि का स्थाई स्वामी बना दिया गया, लेकिन 'सूर्यास्त कानून' (Sunset Law) के अंतर्गत यदि कोई जमींदार निश्चित तिथि को सूर्यास्त से पहले भू-राजस्व जमा नहीं करता था, तो उसकी जमींदारी नीलाम कर दी जाती थी।
2. थॉमस मुनरो द्वारा दक्षिण भारत में लागू 'रयतवारी व्यवस्था' के अंतर्गत सरकार और किसान (रयत) के बीच सीधा अनुबंध होता था, तथा लगान का निर्धारण भूमि की उर्वरता के आधार पर किया जाता था, किंतु यह कर स्थाई और अपरिवर्तनीय था जिसे कभी बढ़ाया नहीं जा सकता था।
3. हॉल्ट मैकेंज़ी द्वारा परिकल्पित और उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत व पंजाब में लागू 'महालवारी व्यवस्था' के तहत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके संपूर्ण ग्राम या 'महाल' (गाँवों के समूह) के स्तर पर किया जाता था, और राजस्व भुगतान के लिए ग्राम का मुखिया या लंबरदार उत्तरदायी होता था।
4. इन तीनों भू-राजस्व प्रणालियों के परिणामस्वरूप पारंपरिक कृषि का वाणिज्यीकरण हुआ, जिससे नकदी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा मिला, लेकिन साथ ही अत्यधिक लगान और ऋणग्रस्तता के कारण भारतीय कृषि का बड़े पैमाने पर विगठन और कृषक वर्ग महाजनों के शिकंजे में फंसता चला गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
अकबर ने मनसबदारी व्यवस्था में सैनिकों के लिए जो "नकद" वेतन की व्यवस्था की थी, उसे क्या कहते थे?
→
मध्यकालीन भारत के भक्ति और सूफी आंदोलनों के प्रमुख संतों, उनके दार्शनिक सिद्धांतों और उनके द्वारा स्थापित सिलसिलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' के विपरीत दक्षिण भारत के संत रामानुज ने 'विशिष्टाद्वैत' दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार ब्रह्म और जीव में भेद होते हुए भी जीव ब्रह्म का ही एक अंश है तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए 'प्रपत्ति' (पूर्ण आत्मसमर्पण) मार्ग का विधान किया गया।
2. सूफी मत के 'सुहरवर्दी सिलसिले' के संस्थापक शिहाबुद्दीन सुहरवर्दी थे, किंतु भारत में इस सिलसिले को लोकप्रिय बनाने का श्रेय शेख बहाउद्दीन जकारिया को जाता है, जिन्होंने चिश्ती संतों के विपरीत राजकीय संरक्षण और शाही अनुदानों को स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था।
3. महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वरी के रचयिता) और संत नामदेव ने पंढरपुर के विट्ठल (विठोबा) को अपना आराध्य मानते हुए जातिगत भेदभाव और रूढ़िवादिता का पुरजोर विरोध किया तथा भक्ति को जन-जन तक पहुँचाया।
4. सूफी संतों में 'वल्दत-उल-वुजूद' (अस्तित्व की एकता) के दार्शनिक सिद्धांत का प्रतिपादन इब्न-अरबी द्वारा किया गया था, जिसका अर्थ यह है कि सृष्टिकर्ता (अल्लाह) और उसकी रचना (ब्रह्मांड) में कोई मौलिक भेद नहीं है, क्योंकि सब कुछ उसी का प्रकटीकरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.