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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग-III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों तथा उनके अपवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अनुच्छेद 25 के अंतर्गत 'हिंदू धार्मिक संस्थाओं' (Hindu religious institutions) के सार्वजनिक प्रकार के हिंदुओं के सभी वर्गों और खंडों के लिए खोलने का प्रावधान किया गया है, और इस अभिव्यक्ति 'हिंदू' के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म के मानने वाले व्यक्ति भी शामिल माने जाते हैं।
  2. 2. अनुच्छेद 26 के तहत प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी अनुभाग को अपने धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है, और यह अधिकार पूरी तरह से निरपेक्ष (Absolute) है, जिस पर राज्य द्वारा लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य के आधार पर भी किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है।
  3. 3. अनुच्छेद 28 के अनुसार, पूरी तरह से राज्य निधि (State funds) से पोषित किसी भी शैक्षणिक संस्थान में किसी भी प्रकार की धार्मिक शिक्षा पूरी तरह से प्रतिबंधित की गई है, किंतु ऐसे शैक्षणिक संस्थान जिन पर राज्य का प्रशासन है लेकिन उनकी स्थापना किसी न्यास (Trust) या बंदोबस्त के तहत हुई है, वहाँ धार्मिक शिक्षा दिए जाने की अनुमति हो सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 25 के स्पष्टीकरण-II के अनुसार, 'हिंदू' धार्मिक संस्थाओं के संदर्भ में हिंदू शब्द के अंतर्गत सिख, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले व्यक्ति भी सम्मिलित हैं। साथ ही, अनुच्छेद 25(2)(b) के तहत राज्य को यह अधिकार है कि वह हिंदुओं के सभी वर्गों और खंडों के लिए सार्वजनिक प्रकार की हिंदुओं की धार्मिक संस्थाओं को खोल सकता है। कथन 2 गलत है: अनुच्छेद 26 के अंतर्गत प्राप्त धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता का अधिकार निरपेक्ष (Absolute) नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक व्यवस्था (Public order), नैतिकता (Morality) और स्वास्थ्य (Health) के विनियामक प्रावधानों के अधीन है। राज्य इन आधारों पर इस अधिकार पर उचित प्रतिबंध लगा सकता है। कथन 3 सही है: अनुच्छेद 28(1) के तहत पूर्णतः राज्य निधि से पोषित किसी भी शिक्षण संस्थान में कोई धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी। हालांकि, अनुच्छेद 28(2) के अनुसार, ऐसा संस्थान जिसे राज्य द्वारा प्रशासित किया जाता है लेकिन उसकी स्थापना किसी धर्मार्थ न्यास या बंदोबस्त (Trust or Endowment) के तहत हुई है, वहाँ धार्मिक शिक्षा दी जा सकती है। इस विषय की विस्तृत और गहन समझ के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था का अध्ययन कर सकते हैं।
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