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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मूल कर्तव्यों को संविधान में समाविष्ट करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा वर्ष 1976 में 'सरदार स्वर्ण सिंह समिति' का गठन किया गया था, जिसकी सिफारिशों पर 42वें संविधान संशोधन द्वारा 10 मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया था, किंतु समिति ने कर अदायगी (Payment of Taxes) को भी एक मूल कर्तव्य बनाए जाने की संस्तुति की थी जिसे सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत उल्लिखित सभी 11 मूल कर्तव्य प्रकृति से केवल 'भारतीय नागरिकों' के लिए ही बाध्यकारी हैं, और भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों (Foreigners) पर ये कर्तव्य कानूनी रूप से लागू नहीं होते हैं।
  3. 3. जिस प्रकार मूल अधिकारों (Fundamental Rights) के उल्लंघन की स्थिति में नागरिकों को अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है, उसी प्रकार किसी नागरिक द्वारा मूल कर्तव्यों का उल्लंघन या उनकी अवहेलना किए जाने पर संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के तहत उसे दंडित किए जाने का प्रावधान किया जा सकता है, क्योंकि ये कर्तव्य स्वयं स्वतः प्रवर्तनीय (Self-executing) नहीं हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: स्वर्ण सिंह समिति (1976) ने नागरिकों के लिए 8 मूल कर्तव्यों की सिफारिश की थी और साथ ही यह भी सुझाव दिया था कि करों का भुगतान करना (Payment of taxes) नागरिकों का मूल कर्तव्य होना चाहिए, जिसे संविधान में शामिल नहीं किया गया था। अंततः 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा 10 मूल कर्तव्यों को जोड़ा गया। कथन 2 गलत है: मूल कर्तव्य (Fundamental Duties) केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं; किंतु यह कहना कि ये उन पर बाध्यकारी हैं, थोड़ा तकनीकी है क्योंकि ये गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) हैं और इनके अनुपालन की कोई प्रत्यक्ष कानूनी बाध्यता स्वतः नहीं होती जब तक कि संसद इसके लिए कोई विशिष्ट विधि न बनाए। कथन 3 सही है: मूल कर्तव्य प्रकृति से गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) हैं और स्वतः प्रवर्तनीय नहीं हैं। हालांकि, संसद विधि निर्माण के माध्यम से इनके प्रवर्तन को सुनिश्चित कर सकती है (जैसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम आदि)। भारतीय संविधान के विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर विजिट कर सकते हैं।
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