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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग-I के अंतर्गत संघ एवं उसके राज्य क्षेत्रों (Articles 1-4) तथा राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित ऐतिहासिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी राज्य के क्षेत्र को घटाने, बढ़ाने, उसका नाम बदलने या उसकी सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस प्रकार का कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफ़ारिश पर ही संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है, किंतु राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वह विधेयक को संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसके विचार जानने के लिए भेजे और राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर दी गई राय (सुझाव) को मानना राष्ट्रपति तथा संसद के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होता है।
- 2. भारत में राज्यों के पुनर्गठन के लिए गठित फ़ज़ल अली आयोग (राज्य पुनर्गठन आयोग, 1953) ने अपनी रिपोर्ट में भाषाई आधार को राज्यों के पुनर्गठन का एकमात्र और सर्वोपरि आधार के रूप में स्वीकार किया था, तथा उसने मूल संविधान में वर्णित राज्यों के चार श्रेणियों (Part A, B, C, और D) के वर्गीकरण को पूरी तरह से समाप्त करते हुए देश को 16 राज्यों और 3 संघ राज्य क्षेत्रों में विभाजित करने की संस्तुति की थी।
- 3. वर्ष 1960 के 'बेरूबारी यूनियन वाद' (Berubari Union case) में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि अनुच्छेद 3 के तहत प्रदत्त संसद की विधायी शक्तियों में भारतीय भू-भाग के किसी हिस्से को किसी विदेशी देश को सौंपने (Cession of territory to a foreign state) की शक्ति शामिल नहीं है, इसलिए भारत के किसी क्षेत्र को पाकिस्तान या अन्य देश को देने के लिए संविधान में संशोधन करना आवश्यक होता है, जिसके परिणामस्वरूप संसद द्वारा 9वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1960 पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 3 के तहत जब राष्ट्रपति किसी राज्य के पुनर्गठन से संबंधित विधेयक को संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसका मत जानने के लिए भेजता है, तो राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त की गई राय (विचार) को मानना राष्ट्रपति या संसद के लिए बाध्यकारी (Binding) नहीं होता है। संसद उस राय को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है, भले ही वह समय पर प्राप्त हो गई हो। कथन 2 असत्य है क्योंकि फ़ज़ल अली आयोग (1953) ने 'एक राज्य, एक भाषा' के सिद्धांत को अस्वीकार कर दिया था और भाषाई एकरूपता के साथ-साथ प्रशासनिक सुविधा, वित्तीय स्थिरता और देश की एकता व अखंडता को आधार बनाने की बात कही थी। इस आयोग ने 16 राज्यों और 3 संघ क्षेत्रों के बजाय 14 राज्यों और 6 संघ राज्य क्षेत्रों के गठन की संस्तुति की थी। कथन 3 पूरी तरह सत्य है; बेरूबारी यूनियन मामले (1960) में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 3 के तहत किसी भारतीय क्षेत्र को विदेशी राज्य को नहीं सौंपा जा सकता, जिसके लिए 9वें संविधान संशोधन की आवश्यकता पड़ी थी। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
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भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा का आधार 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को प्रतिस्थापित कर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) किया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को केवल मंत्रिमंडल (Cabinet) के लिखित अनुमोदन के पश्चात ही राष्ट्रपति द्वारा जारी किया जा सकता है।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा यह उपबंधित किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है।
3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन की अधिकतम अवधि, बिना किसी विशेष अनुमोदन या समीक्षा के, लगातार बढ़ाई जाकर कुल 3 वर्ष तक की जा सकती है, किंतु 44वें संशोधन अधिनियम के पश्चात यह अनिवार्य कर दिया गया कि 1 वर्ष के पश्चात इसे आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि पूरे देश में या संबंधित राज्य के किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि राज्य में विधानसभा के चुनाव कराना कठिन है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत समाविष्ट 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान का हिस्सा नहीं बनाया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की संस्तुतियों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, तथा वर्तमान में अनुच्छेद 51क के तहत कुल 11 मूल कर्तव्य नागरिकों पर आरोपित हैं।
2. ये मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, और प्रकृति से ये सभी कर्तव्य न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि इनके उल्लंघन या अनुपालन न किए जाने की स्थिति में न्यायालय द्वारा सीधे रिट याचिका के माध्यम से इन्हें प्रवर्तित कराया जा सकता है।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत छह से चौदh वर्ष की आयु के बीच के अपने बालक या प्रतिपाल्य (ward) को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य प्रत्येक ऐसे माता-पिता या संरक्षक का होगा जो स्वयं इस आयु वर्ग में साक्षरता प्राप्त कर चुके हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत होती है?
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राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य क्या है?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-क (Part IX-A) जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243-W के अंतर्गत नगरपालिकाओं की शक्तियों, प्राधिकारों और उत्तरदायित्वों से संबंधित प्रावधान किए गए, जिसके तहत उन्हें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है।
2. अनुच्छेद 243-Y के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक राज्य में एक 'वित्त आयोग' (Finance Commission) का गठन किया जाएगा, जो राज्य की संचित निधि से पंचायतों और नगरपालिकाओं के बीच करों, शुल्कों, टोल और फीसों के शुद्ध आगमों के वितरण तथा नगरपालिकाओं को दिए जाने वाले अनुदानों के सिद्धांतों का निर्धारण करेगा।
3. इस संशोधन के तहत गठित होने वाली नगरपालिकाओं की सभी श्रेणियों के सभी पदों (चाहे वे वार्ड के सदस्य हों या नगर पालिका के अध्यक्ष/चेयरपर्सन) के लिए निर्वाचन हेतु न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जो कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के समतुल्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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