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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार प्रदान किया गया है, जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता या दादा-दादी में से कोई भी अविभाजित भारत में पैदा हुआ था, तो वह भारत का नागरिक बन सकता है, बशर्ते उसने भारत के राजनयिक या कौंसुलर प्रतिनिधि के पास भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन किया हो (चाहे वह जन्म से पूर्व या पश्चात का हो)।
  2. 2. नागरिकता अधिनियम, 1955 (समय-समय पर संशोधित) के अनुसार वंश द्वारा (By Descent) भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि 3 दिसंबर 2004 को या उसके बाद जन्म लेने वाले किसी भी व्यक्ति को तभी भारत का नागरिक माना जाएगा जब उसके जन्म के समय उसके माता-पिता दोनों ही भारत के नागरिक हों, या उनमें से कोई एक उस समय भारत का नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो।
  3. 3. प्राकृतिक रूप से या देशीयकरण (Naturalisation) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए आवेदक को यह शपथ लेनी होती है कि वह संविधान के प्रति निष्ठा रखेगा, और इसके लिए यह भी आवश्यक है कि वह आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से रोक दिया जाता है या प्रतिबंध लगाया जाता है।
  4. 4. संविधान का अनुच्छेद 10 यह स्पष्ट करता है कि संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए भारत का प्रत्येक नागरिक इस भाग के उपबंधों के तहत नागरिक बना रहेगा, किंतु संसद को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी नागरिक की नागरिकता को राष्ट्रहित में या विधि के उल्लंघन पर समाप्त करने के लिए कोई नया कानून बना सके।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 सही हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार, भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए पंजीकरण द्वारा नागरिकता का प्रावधान किया गया है, यदि उनके माता-पिता या दादा-दादी में से कोई अविभाजित भारत में पैदा हुआ हो और उन्होंने राजनयिक प्रतिनिधि के समक्ष आवेदन किया हो। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2003 के पश्चात वंश द्वारा नागरिकता के लिए यह प्रावधान कर दिया गया कि 3 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्म लेने वाले बच्चे के माता-पिता में से कम से कम एक भारत का नागरिक होना चाहिए और दूसरा अवैध प्रवासी नहीं होना चाहिए। देशीयकरण द्वारा नागरिकता के लिए भी यह शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक नहीं होना चाहिए जहाँ भारतीयों को यह अधिकार न मिलता हो। कथन 4 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 10 के अनुसार नागरिक संसद द्वारा बनाई गई विधियों के अधीन ही नागरिक बने रहते हैं, और अनुच्छेद 11 के तहत संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की विधि बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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