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Indian Polity
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राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की शक्तियों, अध्यादेश निर्माण तथा मुख्यमंत्री की नियुक्ति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के विश्रामकाल में अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, और राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित ऐसा प्रत्येक अध्यादेश राज्य विधानमंडल के पुनर्समवेत होने के छह सप्ताह के भीतर विधानमंडल द्वारा अनुमोदित होना अनिवार्य है, अन्यथा यह स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है, बशर्ते इसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखने पर राष्ट्रपति की अनुमति मिल जाए।
- 2. राज्यपाल की अध्यादेश निर्माण की शक्ति उसकी स्वविवेकिय (Discretionary) शक्ति नहीं है, बल्कि वह इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार ही कर सकता है, सिवाय उस स्थिति के जब कोई अध्यादेश राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखा जाना हो।
- 3. अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है, तथा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों में जनजातियों के कल्याण के लिए एक पृथक मंत्री का होना अनिवार्य किया गया है, जिसके लिए राज्यपाल विशेष निर्देश दे सकता है।
- 4. राज्यपाल को यह संवैधानिक अधिकार प्राप्त है कि वह राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी भी साधारण विधेयक को अनिश्चितकाल के लिए अपने पास रोक सकता है (Pocket Veto), क्योंकि संविधान में राज्यपाल के लिए विधेयक पर अनुमति देने या रोकने हेतु कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, और इस संबंध में उच्चतम न्यायालय ने 'शमशेर सिंह वाद' में स्पष्ट किया है कि राज्यपाल हर मामले में मंत्रिपरिषद की सलाह से ही कार्य करने के लिए बाध्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं क्योंकि अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल का अध्यादेश मंत्रिपरिषद की सलाह पर आधारित होता है और विधानमंडल के पुनः बैठने पर 6 सप्ताह में पारित होना आवश्यक है। छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में जनजातीय कल्याण मंत्री की व्यवस्था अनुच्छेद 164(1) के तहत अनिवार्य है। कथन 4 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रख सकता है, किंतु 'पॉकेट वीटो' या अनिश्चितकालीन रोक के संबंध में उसकी स्थिति पूर्णतः अनियंत्रित नहीं है और सामान्य विधेयकों के संदर्भ में उसे मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह से कार्य करना होता है। अधिक अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के क्रम में रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 और पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के द्वारा बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, तथा इसी अधिनियम के तहत वर्ष 1774 में कलकत्ता में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई जिसके मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक् कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई जो राजनीतिक मामलों की देखरेख करता था और इसे ब्रिटिश कैबिनेट के नियंत्रण में रखा गया।
3. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 के माध्यम से ही पहली बार भारत में कंपनी के अधीन क्षेत्रों को 'ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र के अधीन भारतीय क्षेत्र' (British Possessions in India) कहा गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद के सदस्यों की संख्या चार से घटाकर तीन कर दी गई ताकि गवर्नर-जनरल को निर्णय लेने में निर्णायक बहुमत मिल सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग II के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है, किंतु यह नियम केवल विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित करने पर लागू होता है, स्वेच्छा से विदेशी पासपोर्ट प्राप्त करने पर नहीं।
2. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2003 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि भारत में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अब स्वचालित रूप से जन्म द्वारा नागरिकता नहीं मिलेगी, बल्कि यह अनिवार्य कर दिया गया कि जन्म के समय उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारत का नागरिक हो अथवा दोनों अवैध प्रवासी (Illegal Migrant) न हों।
3. नागरिकता अधिनियम, 1955 में अब तक हुए संशोधनों के तहत 'पंजीकरण द्वारा' (By Registration) नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारत में सामान्य निवास की अनिवार्य अवधि को बढ़ाकर क्रमिक रूप से सात वर्ष कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भाषाई आधार पर गठित होने वाला भारत का पहला राज्य कौन सा था?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत 'नगरपालिकाओं' के गठन, संरचना और वार्ड समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में नया भाग IX-A जोड़ा गया, जिसका शीर्षक 'नगरपालिकाएँ' है और इसके अंतर्गत अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं (नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम) के गठन का उपबंध है।
2. दस लाख या उससे अधिक की जनसंख्या वाले महानगर क्षेत्र में एक या एक से अधिक वार्डों को मिलाकर 'वार्ड समितियों' (Ward Committees) के गठन का संवैधानिक प्रावधान है, तथा इन समितियों की संरचना और गठन से संबंधित विधि बनाने की शक्ति राज्य के राज्यपाल में निहित है।
3. नगरपालिकाओं के सभी स्थानों के लिए निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाता है, किंतु महानगर क्षेत्र के लिए गठित 'महानगर योजना समिति' (Metropolitan Planning Committee) के कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य उस क्षेत्र के नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों और जिला पंचायतों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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