BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
19 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण का सिद्धांत' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह समझने में सक्षम हो जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार, रूप-रंग या दिखावट में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन, लंबाई या संख्या अपरिवर्तित (समान) रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, संक्रियात्मक बौद्धिक विकास (Operational Thinking) और गणितीय-वैज्ञानिक अवधारणाओं की समझ के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'संरक्षण' (Conservation) का विकास 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान होता है। इस अवस्था में बच्चे विकेंद्रीकरण (एक साथ किसी वस्तु के दो या अधिक आयामों पर ध्यान केंद्रित करना) और प्रतिवर्तीता (Reversibility - किसी प्रक्रिया को मानसिक रूप से उलट सकना) जैसी तार्किक योग्यताओं को अर्जित कर लेते हैं। इसके माध्यम से वे यह समझ जाते हैं कि यदि किसी बर्तन के पानी को चौड़े गिलास से लंबे गिलास में डाल दिया जाए, तो पानी की मात्रा (आयतन) में कोई परिवर्तन नहीं होता। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है।
Share:

Related Questions

→ मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लॉरेंज और तिनरbergen (Tinbergen) द्वारा प्रतिपादित 'निहित व्यवहारिकी' (Ethology) तथा जॉन बाउलबी (John Bowlby) के 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत विकसित 'सुरक्षित अनुलग्नक' (Secure Attachment) एवं 'असुरक्षित-द्विधाग्रस्त अनुलग्नक' (Insecure-Ambivalent Attachment) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक अन्वेषण और सुरक्षित आधार (Secure Base) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) के 'संज्ञानात्मक मनोविज्ञान और metacognition' के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मेटाकॉग्निशन या अधिविज्ञान' (Metacognition)**—जिसे उस उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से शिक्षार्थी अपने स्वयं के ज्ञान, चिंतन प्रक्रियाओं, अधिगम रणनीतियों और मानसिक गतिविधियों के बारे में न केवल जागरूक रहता है, बल्कि उनका सक्रिय रूप से निरीक्षण (Monitoring), नियंत्रण (Regulation) और मूल्यांकन भी करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमित अधिगम (Self-regulated Learning), आलोचनात्मक चिंतन और स्वतंत्र समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) के 'संवेगात्मक बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Emotional Intelligence) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आत्म-नियमन' (Self-Regulation) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्ति अपनी विघ्नकारी भावनाओं और आवेगों को नियंत्रित करने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने, ईमानदारी और जवाबदेही बनाए रखने तथा किसी भी निर्णय से पहले सोचने की उच्च-स्तरीय मानसिक क्षमता का प्रदर्शन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन और अनुशासित आचरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, नॉर्मन क्राउडर (Norman Crowder) के 'शाखाओं वाले क्रमादेशित अनुदेशन सिद्धांत' (Branching Programmed Instruction Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'आंतरिक निदान और उपचारात्मक शाखाएं' (Intrinsic Programming / Remedial Branching)**—जिसे एक ऐसी सुधारात्मक प्रणाली के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ मुख्य पाठ्य सामग्री के दौरान शिक्षार्थी की त्रुटियों या गलत उत्तरों के आधार पर उसे स्वतः ही तुरंत विशिष्ट उपचारात्मक अनुभागों या शाखाओं (Remedial Sub-routines) की ओर भेज दिया जाता है, ताकि वह मुख्य धारा में लौटने से पहले अपनी वैचारिक त्रुटियों को स्वतंत्र रूप से सुधार सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-गतिशील अधिगम (Self-paced Learning), व्यक्तिगत भिन्नताओं के समायोजन और तात्कालिक पुनर्भरण (Immediate Feedback) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? → मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद और प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Connectionism and Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'तत्परता का नियम' (Law of Readiness)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक तैयारी के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत यदि कोई तंत्रिका पथ (Neural Pathway) कार्य करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसे कार्य करने दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति को संतोष या आनंद की प्राप्ति होती है, जबकि बाधा उत्पन्न होने पर झुंझलाहट या असंतोष होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अधिगम की गति, अभिप्रेरणा और मानसिक संतोष के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.