त्वरित लिंक्स
MPTET
16 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्पाइरल पाठ्यक्रम या सर्पिलाकार पाठ्यचर्या' (Spiral Curriculum)**—जिसे उस उत्कृष्ट शैक्षणिक संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय या जटिल अवधारणा को बच्चे की प्रारंभिक विकासात्मक अवस्था में उसके स्तर के अनुकूल सरल और सहज रूप में (जैसे क्रियात्मक या प्रतीकात्मक रूप से) प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ती जाती है, उसी विषय को क्रमिक रूप से अधिक उन्नत, अमूर्त और जटिल स्तर पर बार-बार पुनरावृत्ति के साथ पढ़ाया जाता है ताकि पूर्व-ज्ञान का विस्तार हो सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचित ज्ञान-निर्माण, दीर्घकालिक स्मरण और वैचारिक गहराई के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'खोजपूर्ण अधिगम और संज्ञानात्मक विकास' सिद्धांत के अंतर्गत 'स्पाइरल पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) एक क्रांतिकारी अवधारणा है। इसका मूल मंत्र यह है कि 'किसी भी विषय को किसी भी बच्चे को बौद्धिक रूप से ईमानदार तरीके से किसी भी विकासात्मक अवस्था में प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है।' इसका अर्थ है कि एक ही विषय को समय के साथ अधिक गहराई और जटिलता के साथ बार-बार पढ़ाया जाता है, जिससे पूर्व-ज्ञान नए और परिपक्व अनुभवों के साथ जुड़कर स्थायी और विस्तृत ज्ञान का निर्माण करता है। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण का सबसे सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जबकि अन्य विकल्प भ्रामक या गलत हैं।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्राकृतिक बुद्धिमत्ता' (Naturalistic Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न रूपों (जैसे पौधों, जीवों, चट्टानों और पारिस्थितिकी तंत्र) के बीच सूक्ष्म अंतर करने, उन्हें पहचानने, वर्गीकृत करने और प्राकृतिक पर्यावरण के साथ सफलतापूर्वक संवाद स्थापित करने में असाधारण दक्षता प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति-आधारित समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'स्व-प्रभावीकारिता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति यह आंकता है कि वह किसी विशिष्ट स्थिति में सफल होने, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और अपने व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्यों को कितनी अच्छी तरह निष्पादित कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, आंतरिक अभिप्रेरणा और चुनौतीपूर्ण कार्यों से निपटने की क्षमता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम' (Humanistic Approach) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'पूर्णतः कार्यशील व्यक्ति' (Fully Functioning Person)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति बिना किसी रक्षात्मकता (Defensiveness) के अपने आंतरिक अनुभवों के प्रति पूरी तरह खुला रहता है, वर्तमान में जीता है, अपने जीव पर पूर्ण विश्वास करता है, रचनात्मक रूप से जीवन की चुनौतियों का सामना करता है और बिना किसी शर्त के आत्म-स्वीकृति का अनुभव करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक स्वास्थ्य, आंतरिक प्रेरणा और स्व-अभिज्ञता (Self-Actualization) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या स्कैफोल्डिंग' (Scaffolding)**—जिसे उस अस्थायी, सहायक और संवादात्मक मार्गदर्शन के रूप में परिभाषित किया जाता है जो किसी अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) द्वारा शिक्षार्थी को उसकी 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) के भीतर प्रदान किया जाता है, ताकि शिक्षार्थी अपनी वास्तविक क्षमता से अधिक उन्नत स्तर के कार्यों को सफलतापूर्वक निष्पादित कर सके और धीरे-धीरे जैसे-जैसे उसकी स्वतंत्रता बढ़ती है, उस सहायता को वापस (Fade out) ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक विकास, सहयोगात्मक समस्या-समाधान और स्वतंत्र ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) तथा 'शासकीय पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियां) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायीकरण, विलोपन नियंत्रण और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.