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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, पॉल ट्यूरिंग या विशेष रूप से बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकृतीकरण' (Shaping)**—जिसे उस क्रमिक सन्निकटन (Successive Approximations) की तकनीकी के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल, नवीन या अवांछित व्यवहार को सीधे एक बार में प्राप्त करने के बजाय, लक्ष्य व्यवहार की दिशा में बढ़ने वाले छोटे-छोटे क्रमिक चरणों और हर सही छोटी अनुक्रिया पर लगातार पुनर्बलन (Reinforcement) प्रदान करके अंतिम रूप से एक जटिल और वांछित व्यवहार को स्थापित या प्रशिक्षित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, सकारात्मक व्यवहार-परिवर्तन और अनुदेशात्मक उद्देश्यों की प्राप्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के पाठ्यक्रम के अंतर्गत बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के क्रियापूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory) में 'शेपिंग' (Shaping) या 'आकृतीकरण' एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय अवधारणा है। शेपिंग का मुख्य आधार 'क्रमिक सन्निकटन' (Successive Approximations) है। जब कोई जटिल व्यवहार या कौशल एक बार में नहीं सीखा जा सकता, तब शिक्षक या प्रशिक्षक अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने वाले छोटे-छोटे कदमों या व्यवहारों को पहचानता है और हर बार सही दिशा में बढ़ने पर सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement) प्रदान करता है, जिससे धीरे-धीरे छात्र जटिल कौशल या वांछित व्यवहार को पूरी तरह सीख जाता है। अतः विकल्प (b) इस मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया और इसके कक्षा-कक्षीय निहितार्थ का सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक वर्णन करता है।
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