त्वरित लिंक्स
MPTET
18 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'चिन्ह-प्रभुत्व अधिगम सिद्धांत' (Sign-Gestalt / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संज्ञानात्मक मानचित्र या कॉग्निटिव मैप' (Cognitive Map)**—जिसे उस मानसिक प्रतिनिधित्व (Mental Representation) या आंतरिक स्कीमा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से कोई जीव या शिक्षार्थी अपने भौतिक या सामाजिक पर्यावरण के स्थानिक लेआउट, मार्गों, लक्ष्यों और वैकल्पिक रास्तों का एक व्यापक मानसिक नक्शा अपने मस्तिष्क में स्वतः निर्मित कर लेता है, बिना किसी प्रत्यक्ष या बाहरी पुरस्कार (Reward) के—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्थानिक चिंतन, स्थानिक अभिविन्यास और समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड टॉलमैन के उद्देश्यपूर्ण व्यवहारवाद (Purposive Behaviorism) और चिन्ह-गेस्टाल्ट सिद्धांत के अनुसार, 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) वह आंतरिक मानसिक प्रतिनिधित्व है जो शिक्षार्थी अपने पर्यावरण की खोजबीन के दौरान स्वतः विकसित करते हैं। टॉलमैन के प्रसिद्ध 'चूहा और भूलभुलैया' (Rat and Maze) प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि अधिगम केवल पुरस्कार (Reward) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि 'गुप्त अधिगम' (Latent Learning) के माध्यम से जीव बिना किसी बाहरी सुदृढ़ीकरण के भी पर्यावरण का मानसिक नक्शा बना लेते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में, यह संप्रत्यय विद्यार्थियों को किसी विषय वस्तु के संपूर्ण ढांचे को समझने, याद रखने के बजाय तार्किक संबंध स्थापित करने और जटिल समस्याओं के समाधान हेतु वैकल्पिक और लचीले मार्ग खोजने में मदद करता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या रक्षा युक्तियों' (Defense Mechanisms)**—जिसे उन अचेतन मानसिक प्रक्रियाओं (Unconscious Psychological Strategies) के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग अहम् (Ego) द्वारा इड (Id) की आवेगी माँगों और सुपरइगो (Superego) के नैतिक प्रतिबंधों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety), तनाव और आंतरिक संघर्ष से स्वयं को बचाने तथा वास्तविकता को विकृत करके मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, कुंठा प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रयोगात्मक शिक्षावाद' (Experimentalism) एवं 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की पाँच चरणों वाली प्रक्रिया—जिसमें 'सुझाव', 'समस्या का बौद्धिकरण', 'परिकल्पना', 'तर्क', और 'परिकल्पना का परीक्षण' शामिल हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान की क्षमता, और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रीकरण' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से बालक किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम या पहलू पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय उसके एक साथ कई पहलुओं, दृष्टिकोणों या आयामों पर एक साथ विचार करने में सक्षम होता है (जो कि पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था की 'केंद्रण' या 'Centration' की सीमा से ठीक विपरीत है)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहु-आयामी समस्या-समाधान और संरक्षण (Conservation) की अवधारणा को समझने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रयोगभावी या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) की अवधारणा—जिसके तहत अधिगम तब सार्थक और परिवर्तनकारी बनता है जब शिक्षार्थी किसी प्रत्यक्ष, वास्तविक और समस्या-मूलक परिस्थिति में सक्रिय रूप से भाग लेता है, अपनी जिज्ञासाओं और आंतरिक प्रेरणाओं के आधार पर विषय-वस्तु को अपने व्यक्तिगत जीवन से जोड़ता है, तथा शिक्षक एक 'सुविधादाता या सहजकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाते हुए उसके स्व-निर्देशित (Self-Directed) विकास का समर्थन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वायत्त ज्ञान-निर्माण, आंतरिक अभिप्रेरणा और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) के 'संबंधवाद' (Connectionism) या 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित मुख्य अधिगम नियमों—'तत्परता का नियम' (Law of Readiness), 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise), और 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)—तथा उनके गौण (सहायक) नियमों के तार्किक अनुप्रयोग एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'संतोष और असंतोष के नियम' (Law of Satisfaction and Discomfort) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.