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History of India
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अकबर ने "महजरनामा" कब जारी किया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1579 में धार्मिक निर्णय की शक्ति ली।
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दीन-ए-इलाही की स्थापना कब हुई?
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1857 के महान विद्रोह के परिणामस्वरुप ब्रिटिश नीति में हुए परिवर्तनों और 'भारत सरकार अधिनियम 1858' के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' की दोहरी शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया तथा ब्रिटिश मंत्रिमंडल के एक सदस्य को 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) के रूप में नियुक्त किया गया, जिसे सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) प्रदान की गई।
2. महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (1858) के माध्यम से ब्रिटिश सरकार ने भारतीय रियाстоों के विलय की नीति (व्यपगत का सिद्धांत) को आधिकारिक रूप से त्याग दिया और यह आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी देशी रियासत का ब्रिटिश साम्राज्य में अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
3. घोषणापत्र में धार्मिक और सामाजिक मामलों में अहस्तक्षेप की नीति का आश्वासन दिया गया तथा यह घोषणा की गई कि सार्वजनिक सेवाओं में नियुक्तियों के दौरान नस्ल, जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, बल्कि नियुक्ति का एकमात्र आधार योग्यता होगी।
4. विद्रोह के उपरांत भारत में सैन्य संगठन का पुनर्गठन करते हुए यूरोपीय सैनिकों का अनुपात भारतीय सैनिकों की तुलना में काफी कम कर दिया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी बड़े सैन्य विद्रोह को आसानी से रोका जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और इसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस विद्रोह का नेतृत्व करने वाले अधिकांश देशी शासकों और सामंतों के पास कोई एकीकृत केंद्रीय दृष्टिकोण या अखिल भारतीय राजनीतिक एजेंडा नहीं था, बल्कि वे मुख्य रूप से अपनी खोई हुई जागीरें और रियासतें वापस पाने के संकीर्ण हितों से प्रेरित थे।
2. नाना साहब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई और बेगम हजरत महल जैसे प्रमुख नेताओं ने अपनी स्थानीय रियासतों की रक्षा के लिए वीरता से संघर्ष किया, किंतु उनमें परस्पर सामंजस्य और एक सक्षम सर्वोच्च सेनापति का पूर्ण अभाव था जो ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध संपूर्ण भारत के मोर्चों को समन्वित कर सके।
3. विद्रोहियों के पास आधुनिक हथियारों, संचार प्रणालियों, प्रशिक्षित सैन्य नेतृत्व और निरंतर वित्तीय संसाधनों की भारी कमी थी, जबकि दूसरी ओर ब्रिटिश पक्ष के पास लॉर्ड कैनिंग का कुशल प्रशासनिक निर्देशन, आधुनिक टेलीग्राफ व्यवस्था और नौसेना की सर्वोच्चता जैसे निर्णायक सामरिक लाभ मौजूद थे।
4. शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग, बड़े व्यापारियों और अधिकांश रियासतों के राजाओं (जैसे सिंधिया, होलकर और हैदराबाद के निजाम) ने इस विद्रोह का सक्रिय रूप से समर्थन किया, जिससे ब्रिटिश सत्ता को भारत से खदेड़ने में क्रांतिकारियों को अपार जनबल प्राप्त हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, बौद्ध धर्म और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों, उनके संप्रदायों तथा संगीतियों के निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैन धर्म के 'स्यादवाद' (अनेकांतवाद) के सिद्धांत के अनुसार, ज्ञान की सापेक्षता को स्वीकार किया जाता है जिसके तहत किसी भी वस्तु के सात अलग-अलग दृष्टिकोण (सप्तभंगी नय) हो सकते हैं, जबकि बौद्ध धर्म ने 'मध्यम प्रतिपदा' (मज्झिमा पतिपदा) का मार्ग अपनाते हुए शाश्वतवाद और उच्छेदवाद दोनों अतिवादी दृष्टिकोणों का खंडन किया है।
2. बौद्ध धर्म की चतुर्थ बौद्ध संगीति के दौरान बौद्ध संघ स्पष्ट रूप से 'स्थविरवादी' और 'महासांगिक' नामक दो प्रारंभिक विरोधी शाखाओं में विभाजित हो गया था, जबकि जैन धर्म में श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदाय का यह विभाजन मुख्य रूप से प्रथम जैन संगीति (पाटलिपुत्र) के दौरान हुआ था।
3. जैन दर्शन में कर्म के बंधन से मुक्ति के लिए 'त्रिरत्न' (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) का विधान किया गया है, जबकि बौद्ध धर्म के 'अष्टांगिक मार्ग' (मध्यम मार्ग) में सम्यक् दृष्टि, सम्यक् संकल्प, सम्यक् वाणी, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीव, सम्यक् व्यायाम, सम्यक् स्मृति और सम्यक् समाधि को शामिल किया गया है।
4. बौद्ध धर्म के हीनयान संप्रदाय के अंतर्गत बुद्ध को केवल एक महापुरुष और शिक्षक माना गया है जिनकी पूजा प्रतीकों के रूप में की जाती है, जबकि महायान संप्रदाय में बुद्ध को भगवान मानकर उनकी मूर्तियों की पूजा और बोधिसत्वों की परिकल्पना को स्वीकार किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह दमन किए गए क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जनरल जॉन निकलसन - दिल्ली
2. मेजर जनरल हैवलॉक और जेम्स आउट्राम - लखनऊ
3. सर कॉलिन कैंपबेल - कानपुर और रोहिलाखंड
4. जनरल ह्यूरोज़ - झाँसी और ग्वालियर
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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