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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'प्राकृतिकवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence)**—जिसे उस विशिष्ट मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति प्रकृति के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक वातावरण की सूक्ष्म बारीकियों को आसानी से पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सामंजस्य स्थापित करने में पूरी तरह सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, अनुभवात्मक अधिगम और अवलोकन कौशल के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत के अनुसार, 'प्राकृतिकवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) प्रकृति, पौधों, जानवरों और पर्यावरण की विभिन्न प्रजातियों को पहचानने और वर्गीकृत करने की क्षमता से संबंधित है। MPTET और बाल विकास के दृष्टिकोण से, ऐसे विद्यार्थियों के लिए कक्षा में केवल पारंपरिक तरीकों का उपयोग करने के बजाय क्षेत्र भ्रमण (Field Trips), प्रकृति आधारित गतिविधियों और प्रत्यक्ष अवलोकन को शामिल करना उनकी अधिगम शैली के अनुकूल होता है और उनके संज्ञानात्मक तथा अवलोकन कौशल को मजबूत बनाता है।
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