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History of India
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शाहजहाँ ने किस वर्ष बीजापुर और गोलकुंडा के साथ संधि कर उन्हें कर देने के लिए विवश किया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1636 ई. में शाहजहाँ ने दक्कन राज्यों के साथ संधि की थी।
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ से आए विद्रोही सैनिकों द्वारा दिल्ली पर कब्जा करने के पश्चात, अनिच्छुक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित किया गया था।
2. दिल्ली में वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक नियंत्रण 'कोर्ट ऑफ़ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के पास था, तथा सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक और नाममात्र के प्रमुख तक सीमित थी।
3. सितम्बर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुन: अधिकार करने के उपरांत, ब्रिटिश अधिकारी विलियम हडसन ने बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया और उनके पुत्रों की सरेआम हत्या कर दी, जिसके बाद जफर को रंगून निर्वासित कर दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह, बरेली में खान बहादुर खान और इलाहाबाद में लियाकत अली द्वारा किए गए विद्रोह तथा इसके दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह (जिन्हें 'डंका शाह' भी कहा जाता है) ने अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को परास्त करने में प्रमुख रणनीतिकार की भूमिका निभाई, जिन्हें अंततः एक स्थानीय राजा के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा मार दिया गया।
2. बरेली में रुहेलखंड के पूर्व शासक के वंशज खान बहादुर खान ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया और स्वयं को नवाब घोषित कर प्रशासनिक व्यवस्था संभाली, लेकिन अंततः ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने रोहिलखंड पर पुनः अधिकार कर लिया और खान बहादुर खान को मृत्युदंड दिया गया।
3. इलाहाबाद (प्रयागराज) और बनारस में विद्रोह की कमान मौलवी लियाकत अली ने संभाली, जिन्होंने स्थानीय जनता का नेतृत्व करते हुए इलाहाबाद के किले पर अधिकार कर लिया था, किंतु कर्नल नील (James Neill) ने क्रूरतापूर्वक इस विद्रोह का दमन कर दिया।
4. फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह को परास्त करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, तथा उनके युद्ध कौशल से प्रभावित होकर ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें 'अत्यंत दुर्दांत और साहसी विद्रोही' की संज्ञा दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने मुंबई में प्रस्ताव पारित किया, तब महात्मा गांधी ने 'करो या मरो' (Do or Die) का मंत्र दिया था, लेकिन सुभाष चंद्र बोस देश के भीतर इस आंदोलन के भूमिगत नेतृत्व (Underground Leadership) का हिस्सा थे और उन्होंने राम मनोहर लोहिया तथा अरुणा आसफ अली के साथ मिलकर इसकी योजना बनाई थी।
2. जापान के नियंत्रण वाले सिंगापुर में रास बिहारी बोस के प्रयासों से स्थापित 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' का सर्वोच्च सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व जब सुभाष चंद्र बोस के हाथों में आया, तो उन्होंने सिंगापुर में 'अस्थाई आज़ाद भारत सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की थी।
3. आज़ाद हिंद फौज के सैनिकों ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर नियंत्रण प्राप्त करने के बाद उनका नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा था, तथा सुभाष चंद्र बोस ने ही सिंगापुर से रेडियो प्रसारण के दौरान महात्मा गांधी को सर्वप्रथम 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा पर अधिकार करने के पश्चात जब ब्रिटिश सेनापति मेजर विंसेंट आयर ने जगदीशपुर पर आक्रमण किया, तब बाबू कुंवर सिंह ने मध्य भारत की ओर प्रस्थान किया और बांदा, रीवा तथा लखनऊ में नाना साहब की सेना के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सफल सैन्य अभियान चलाए।
2. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु (26 अप्रैल 1858) के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध को समाप्त कर दिया और ब्रिटिश सरकार के साथ संधि कर ली थी।
3. अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक प्रभावी और लंबी छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) नीति का संचालन किया, तथा जगदीशपुर के जंगलों से एक समानांतर सरकार चलाई।
4. अमर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश अधिकारियों ने इस क्षेत्र में अत्यधिक दमनकारी नीतियां अपनाईं, जिनमें गांवों को जलाना और विद्रोहियों को सामूहिक रूप से दंडित करना शामिल था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की गतिविधियों और ब्रिटिश सेना के साथ संघर्ष के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब ने 5 जून 1857 को कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी पेंशन और उपाधि रोके जाने के प्रतिशोध में अंग्रेजों के विरुद्ध शस्त्र उठाए।
2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और निष्ठावान सहयोगी थे, ने कूटनीतिक और वैचारिक पक्ष संभालते हुए लंदन में पेंशन बहाली के लिए पैरवी की थी और बाद में तात्या टोपे के साथ मिलकर कानपुर की सैन्य रणनीति को अमलीजामा पहनाया।
3. कानपुर में पराजय और ब्रिटिश सेना के पुनरधिकार के पश्चात तात्या टोपे ने अपनी सैन्य टुकड़ी के साथ ग्वालियर की ओर प्रस्थान किया और वहाँ की सिंधिया सेना को अपने पक्ष में मिलाकर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना को कड़ी चुनौती दी।
4. कानपुर में अंतिम पराजय के पश्चात नाना साहब अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष जारी रखने के बजाय जीवित अवस्था में ब्रिटिश सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर आजीवन नजरबंद रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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