त्वरित लिंक्स
Child Development
24 views
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान बच्चों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी विचार' (Combinatorial Thinking) की तात्विक एवं वैज्ञानिक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की सबसे प्रमुख संज्ञानात्मक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में लगभग 11-12 वर्ष से वयस्कता तक चलने वाली 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन की अवस्था है। इस स्तर पर बालक में 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) विकसित होता है, जिससे वह किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावनाओं और परिकल्पनाओं का निर्माण कर सकता है तथा उनकी वैज्ञानिक तरीके से जाँच कर सकता है। इस बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
Related Questions
→
मानव विकास के संदर्भ में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment) के बीच अंतःक्रिया (Interaction) के वैज्ञानिक और दार्शनिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन आधुनिक विकासात्मक मनोविज्ञान (Developmental Psychology) के परिप्रेक्ष्य में सर्वाधिक सटीक और प्रामाणिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
→
अधिगम के क्षेत्र में एडवर्ड थार्नडाइक द्वारा प्रतिपादित 'प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत' (Trial and Error Theory) तथा बी.एफ. स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के तात्विक और क्रियात्मक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य मुख्य तात्विक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'गौण नियमों' (Secondary or Subsidiary Laws of Learning) में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण नियम—'बहु-अनुक्रिया का नियम' (Law of Multiple Responses)—का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, इस नियम की आंतरिक कार्यप्रणाली और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में इसकी प्रासंगिकता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' और 'पार (Scaffolding) की गतिकी' का गहन तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि कोई अधिक ज्ञानी अन्य व्यक्ति (More Knowledgeable Other - MKO) किसी शिक्षार्थी को समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के भीतर चरणबद्ध तरीके से सहायता प्रदान करता है, तो वाइगोत्स्की के इस ढांचे के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
शिक्षण की 'खोज विधि' (Heuristic Method) में शिक्षक की भूमिका कैसी होती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.