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History of India
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जहाँगीर के शासनकाल में 1626 ई. में किसने विद्रोह कर सुल्तान को झेलम नदी के तट पर बंदी बना लिया था?

Detailed Explanation

महाबत खाँ ने जहाँगीर को बंदी बना लिया था।
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→ मराठा साम्राज्य के प्रशासनिक ढांचे और शिवाजी की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी ने अपनी भू-राजस्व प्रणाली में मलिक अंबर की रय्यतवाड़ी व्यवस्था के आधार पर पैमाइश (काठी प्रणाली) को अपनाया और बिघा (बीघा) को भूमि की माप की इकाई बनाया। 2. 'चौथ' मराठा राज्य द्वारा उन पड़ोसी क्षेत्रों से वसूला जाने वाला कर था जो सीधे तौर पर मराठा नियंत्रण में नहीं थे, और यह कर उस क्षेत्र की कुल राजस्व आय का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होता था, जिसके बदले मराठा शासक उन क्षेत्रों को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा और शांति की गारंटी (सरदेशमुखी) देते थे। 3. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में प्रत्येक मंत्री पूर्णतः स्वतंत्र रूप से सैन्य और प्रशासनिक निर्णय लेता था, और मंत्रियों के पद वंशानुगत होते थे ताकि राज्य में राजनीतिक स्थिरता बनी रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, सैन्य संगठन और कर प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद, जिसे 'अष्टप्रधान' कहा जाता था, के सभी आठ मंत्रियों के पद पूरी तरह से वंशानुगत होते थे और उन्हें सैन्य अभियानों में सीधे भाग लेना अनिवार्य होता था। 2. राजस्व प्रशासन के सुधार के संदर्भ में शिवाजी ने मलिक अंबर की रयतवाड़ी व्यवस्था को आधार बनाते हुए माप और पैमाइश (काठी प्रणाली) के माध्यम से भूमि की उपजाऊ क्षमता का आकलन कर भू-राजस्व निर्धारित किया था। 3. मराठा साम्राज्य की आय के दो प्रमुख स्रोत 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' थे, जिनमें चौथ पड़ोसी गैर-मराठा क्षेत्रों से संभावित आक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला 25% कर था, जबकि सरदेशमुखी उनकी संपूर्ण पुश्तैनी संपत्तियों पर दावा जताते हुए 10% अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था। 4. शिवाजी की पैदल सेना (मावल सैनिकों) और घुड़सवार सेना (बर्गीर और सिलाहदार) में अनुशासन का स्तर अत्यंत उच्च था, तथा सेना में लूट के माल का वितरण और सैनिकों का मासिक नगद वेतन देने की सख्त व्यवस्था थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में लोहे के व्यापक ज्ञान और उसके सैन्य व कृषि उपयोग के स्पष्ट प्रमाण मिलते हैं, जिसके कारण इस काल में बस्तियों का स्थायी शहरीकरण तेजी से विकसित हुआ था। 2. उत्तर वैदिक काल में आर्यों का विस्तार गंगा-यमुना दोआब की ओर हुआ, और इस दौरान 'शतपथ ब्राह्मण' में पूर्वी क्षेत्र की ओर विस्तार की कथा (वैश्वानर आग्नि कथा) का उल्लेख मिलता है। 3. ऋग्वेद में 'दुहितृ' (गोदुहन करने वाली) शब्द पुत्री के लिए प्रयोग किया जाता था, जो यह दर्शाता है कि ऋग्वैदिक समाज में पशुधन (विशेषकर गाय) का आर्थिक जीवन में केंद्रीय महत्व था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यद्यपि विद्रोही सिपाहियों ने बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंदुस्तान) घोषित कर दिया था, किंतु जफर की इच्छा के विरुद्ध उन्हें यह नेतृत्व स्वीकार करने के लिए विवश किया गया था और उनकी भूमिका मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक एवं अनिच्छुक केंद्रबिंदु की थी। 2. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य कमान जनरल बख्त खान के हाथों में थी, जो बरेली से आने वाली विद्रोही सेना का नेतृत्व कर रहे थे और जिन्हें जफर द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की गई थी। 3. दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेना ने सितंबर 1857 में कश्मीरी गेट पर भीषण आक्रमण किया, जिसमें ब्रिटिश अधिकारी जॉन निकलसन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। 4. हुमायूं के मकबरे से ब्रिटिश अधिकारी विलियम हडसन द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बहादुर शाह जफर पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित कर रंगून भेज दिया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य संगठन और शिवाजी के शासनकाल की राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था में 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों का परिषद) नामक मंत्रिपरिषद थी, जिसमें पेशवा (मझार) सर्वोच्च पद होता था जो सैन्य मामलों के अलावा अन्य सभी नागरिक और वित्तीय कार्यों की देखरेख करता था तथा मंत्रिपरिषद का प्रत्येक मंत्री सीधे छत्रपति के प्रति उत्तरदायी था। 2. राजस्व सुधारों के अंतर्गत शिवाजी ने जागीरदारी प्रथा को कड़ाई से हतोत्साहित किया और उसके स्थान पर अधिकारियों को नकद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया, हालांकि कुछ मामलों में सैन्य सेवा के बदले भूमि अनुदान (सरंजाम) भी दिए जाते थे। 3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जिनमें चौथ मराठा राज्य की सीमा के बाहर पड़ोसी मुगल अथवा अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के एवज में वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि सरदेशमुखी उस क्षेत्र पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाता था। 4. शिवाजी की घुड़सवार सेना दो प्रमुख भागों में विभाजित थी — 'पागा' (राजकीय घुड़सवार सेना) जिसमें सैनिकों को घोड़े और शस्त्र राज्य द्वारा प्रदान किए जाते थे, और 'सिहल्ती' या 'बारगीर' जो स्वयं अपने घोड़े और अस्त्र-शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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